Q.सुपर कूलिंग का अभिप्राय तरल के किस बिंदु पर शीतलता से है?
Correct answer: हिमांक से नीचे
Explanation
अति शीतलन (एल्ज्ी म्ददत्ग्हु) किसी तरल या गैस के प्रति ऐसी प्रकिया है, जिसमें किसी तरल या गैस के ताप को हिमांक से नीचे ले जाने पर भी वह जमने के बजाए अपने पूर्व तरल या गैसीय अवस्था को बनाये रखता है, (ऐसा तब होता है जब उसका दाब भी घटया जाय) जबकि साधारण परिस्थितियों में तरल या गैस अपने केन्द्र में किसी कण के परित: एकत्रित होकर जम जाते हैं तथा ठोस का रूप धारण कर लेते हैं। अतिशीतलन के लिए तरल या गैस का एकदम शुद्ध अवस्था में रहना आवश्यक होता है। इसी प्रक्रिया का प्रयोग ड्रिंक तथा अन्य शीतल पेय को ठंडा रखने में किया जाता है।
अति शीतलन (एल्ज्ी म्ददत्ग्हु) किसी तरल या गैस के प्रति ऐसी प्रकिया है, जिसमें किसी तरल या गैस के ताप को हिमांक से नीचे ले जाने पर भी वह जमने के बजाए अपने पूर्व तरल या गैसीय अवस्था को बनाये रखता है, (ऐसा तब होता है जब उसका दाब भी घटया जाय) जबकि साधारण परिस्थितियों में तरल या गैस अपने केन्द्र में किसी कण के परित: एकत्रित होकर जम जाते हैं तथा ठोस का रूप धारण कर लेते हैं। अतिशीतलन के लिए तरल या गैस का एकदम शुद्ध अवस्था में रहना आवश्यक होता है। इसी प्रक्रिया का प्रयोग ड्रिंक तथा अन्य शीतल पेय को ठंडा रखने में किया जाता है।