Q.जब तरल और उसके आसपास के बीच का तापमान अंतर दुगुना हो जाता है तो ऊष्मा की हानि की दर कितनी हो जाएगी?
Correct answer: दुगुनी
Explanation
ऊष्मा एक प्रकार की ऊर्जा है, जो दो वस्तुओं के बीच उनके तापान्तर के कारण एक वस्तु से दूसरी वस्तु में स्थानान्तरित होती है। स्थानान्तरण के समय ही यह ऊर्जा ऊष्मा कहलाती है। जूल नामक वैज्ञानिक ने अपने प्रयोगों द्वारा सिद्ध किया है कि ‘‘ऊष्मा ऊर्जा का ही एक रूप है। ऊष्मा का SI मात्रक ‘जूल’ और CGS मात्रक ‘कैलोरी’ होता है। जब तरल और उसके आसपास के बीच का तापमान अंतर दुगुना हो जाता है तो ऊष्मा की हानि दर दुगुनी हो जाती है क्योंकि ∆ैं ∝ ∆ू
ऊष्मा एक प्रकार की ऊर्जा है, जो दो वस्तुओं के बीच उनके तापान्तर के कारण एक वस्तु से दूसरी वस्तु में स्थानान्तरित होती है। स्थानान्तरण के समय ही यह ऊर्जा ऊष्मा कहलाती है। जूल नामक वैज्ञानिक ने अपने प्रयोगों द्वारा सिद्ध किया है कि ‘‘ऊष्मा ऊर्जा का ही एक रूप है। ऊष्मा का SI मात्रक ‘जूल’ और CGS मात्रक ‘कैलोरी’ होता है। जब तरल और उसके आसपास के बीच का तापमान अंतर दुगुना हो जाता है तो ऊष्मा की हानि दर दुगुनी हो जाती है क्योंकि ∆ैं ∝ ∆ू