Concept note वाष्पीकरण की प्रक्रिया द्वारा समुद्री जल से नमक प्राप्त किया जाता है। वाष्पीकरण जल के चक्र का एक अनिवार्य हिस्सा है। वाष्पीकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक तरल पदार्थ में घुले ठोस पदार्थ को, उस तरल पदार्थ को वाष्पीकृत करके तरल पदार्थ से अलग कर लिया जाता है। जैसे- समुद्री जल से नमक का निष्कर्षण
Concept note समुद्री जल में प्रचुर मात्रा में पाए जाने वाले नमक का रासायनिक नाम सोडियम क्लोराइड होता है। समुद्री जल में ‘सोडियम क्लोराइड’ की अधिकता होने के कारण इसका जल नमकीन (लवणीय) होता है। इसमें मैग्नीशियम, कैल्शियम और पोटैशियम जैसे तत्व भी होते हैं।
Concept note लिटमस जल में घुलनशील विभिन्न रंजको का एक मिश्रण होता है जो थैलोफाइटा समूह के ‘लाइकेन’ नामक पौधे से निकाला जाता है। प्राय: इसे सूचक की तरह उपयोग किया जाता है लिटमस विलयन जब न तो अम्लीय होता है, न ही क्षारीय, तब यह बैंगनी रंग का होता है। बहुत सारे प्राकृतिक पदार्थ जैसे-लाल पत्ता गोभी, हल्दी, हाइड्रेंजिया, पेटूनिया एवं जेरेनियम जैसे कई फफूंदों की रंगीन पंखुड़ीयाँ किसी विलयन में अम्ल एवम् क्षारक की उपस्थिति को सूचित करते हैं। जबकि अजवायन के पत्ते प्राकृतिक अम्ल क्षारक संकेतक नहीं है।
Concept note ‘ज्प्’ में ज् पोटेंज का द्योतक है, जो एक जर्मन शब्द है। पीएच किसी विलयन की अम्लता या क्षारकता की माप है। पीएच से विलयन के अम्लीय, क्षारीय या उदासीन गुण का पता लगाया जाता है यह मान 0-14 तक होता है, जिसमें 7 ज्प् मान का विलयन उदासीन होता है। यदि पीएच मान 7 से कम हो, तो विलयन अम्लीय और यदि मान 7 से अधिक हो, तो विलयन क्षारीय होता है।
Concept note प्रयोगशाला में लिटमस पत्र का उपयोग अम्ल व क्षार के परीक्षण में किया जाता है। अम्ल की उपस्थित में नीला लिट्मस लाल रंग का हो जाता है। वही पदार्थ में यदि क्षार उपस्थित हो तो यह लाल लिट्मस को नीले रंग मे बदल देता है। साबुन का विलयन क्षारीय होता है इसीलिए यह लाल लिट्मस को नीला कर देता है। अर्थात जब साबुन के पानी में लिटमस पत्र को डाला जाता है तो उसका रंग बदलकर नीला हो जाता है।
Concept note पीएच (ज्प्) किसी विलयन की अम्लता या क्षारकता का एक माप है। इसे द्रवीभूत हाइड्रोजन आयनों (प्+) की सान्द्रता के ऋणात्मक-लघुगुणक (निगेटिवलॉगरिदम) के रूप में परिभाषित किया जाता है। क्षार ज्प् मान 7 से अधिक होता है जबकि अम्लीय पदार्थ का ज्प् मान 7 से कम होता है।
Concept note शुद्ध जल का ज्प् मान 7 होता है। ज्प् मान वास्तव में किसी तरल में हाइड्रोजन आयनो के सांद्रण की माप है। जिसके द्वारा किसी द्रव की अम्लीयता अथवा क्षारीयता की जांच होती है। 7 से कम ज्प् मान वाले द्रव अम्लीय और 7 से अधिक ज्प् मान वाले द्रव क्षारीय प्रकृति के होते हैं। जल का ज्प् मान 7 का अर्थ है कि यह एक उदासीन द्रव है। शुद्ध जल का ज्प् मान 7 होता है।
Concept note क्यूरियम आवर्त सारणी में ‘एक्टिनाइड’ श्रेणी का तत्व है। इसका रासायनिक प्रतीक 'ण्स्' है। इसकी परमाणु संख्या ‘96’। मैडम क्यूरी की स्मृति में इसका नाम क्यूरियम रखा गया। इसकी खोज 1944 ई. में की गई। इसका निर्माण प्लूटोनियम 239 पर अल्फा कण की बौछार द्वारा किया गया।
Concept note नियॉन समूह-18 में उपस्थित एक अक्रिय गैस यह एक रंगहीन निष्क्रिय गैस हैं। यह दूसरी सबसे हल्की उत्कृष्ट गैस भी है। तत्व परमाणु क्रमांक कार्बन (C) 6 बोरॉन (B) 5 लिथियम (थ्ग्) 3 नियॉन (र्ा) 10 ऑर्गन (Ar) 18
Concept note न्यूलैंड के अष्टक नियम के अनुसार जब तत्वों को उनके बढ़ते हुए परमाणु भार के अनुसार व्यवस्थित किया जाता है तो कहीं से भी शुरु कर प्रत्येक आठवें तत्व के गुण पहले तत्व के गुणों के समान होते हैं इसीलिए इसे अष्टक नियम कहते है। जैसे पहला तत्व लीथियम (थ्ग्) से आरम्भ कर आठवें तत्व सोडियम के गुण लीथियम के समान है। इसी प्रकार बेरिलियम तथा मैग्नीशियम में भी समानता है।
Concept note समूह 17 आवर्त सारणी में दाएं से दूसरे स्तंभ (कॉलम) में है और इसमें फ्लोरीन (F), क्लोरीन (ण्त्), ब्रोमीन, आयोडीन (I), एस्टैटिन (Aू) और टेनेसिन (ऊे) होते हैं। इस समूह के तत्वों को हैलोजेन तत्व कहा जाता है।
Concept note आवर्त सारणी में सोडियम बाई तरफ समूह IA में स्थित होता है सोडियम का परमाणु क्रमांक 11 तथा द्रव्यमान संख्या 23 है। यह एक मुलायम क्षार धातु है।
Concept note मेंडलीफ की आवर्त सारणी के अनुसार एका एल्युमिनियम का स्थान गैलियम तत्व ने लिया है। जबकि एकासिलिकॉन का स्थान जर्मेनियम तत्व ने लिया है। इसी प्रकार एकाबोरॉन का स्थान स्कैडियम तत्व ने लिया है।
Concept note लिथियम, सोडियम और पोटेशियम जैसे रासायनिक रूप के समान गुणों वाले तत्वों को जोहान डोबेरॉइनर ने व्यवस्थित किया और यह प्रदर्शित किया कि अन्य दो तत्वों के गुणों के आधार पर बीच वाले तत्व के गुणों का अनुमान लगाया जा सकता है।
Concept note डोबेराइनर के त्रिक नियम द्वारा यह दर्शाया गया कि फास्फोरस का परमाणु भार नाइट्रोजन और आर्सेनिक के परमाणु भार का औसत होता है। डोबेराइनर ने एक समान गुणों वाले तत्वों को तीन-तीन के समूहों में उनके परमाणु भार के बढ़ते क्रम में रखा जिनको डाबेराइनर त्रिक कहा जाता है। डाबेराइनर के अनुसार त्रिक के तीनों तत्वों में से बीच के तत्व का परमाणु भार शेष दो तत्वों के परमाणु भार का औसत रहता है।
Concept note आवर्त सारणी के समूह 13 का तत्व गैलियम धातु कमरे के तापमान से कुछ अधिक होने पर द्रव अवस्था में बदल जाता है। इसका रासायनिक प्रतीक 'उa' तथा परमाणु क्रमांक 31 है। इसका गलनांक 29.76ष्टण् होता है।
Concept note सन् 1869 में दिमित्री मेंडेलीव और लोथर मेयर ने व्यक्तिगत रूप से अपने स्वयं के आवर्त सिद्धान्त के साथ सामने आकर यह प्रस्तावित किया कि तत्वों को उनके परमाणु भार के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित करने पर, नियमित अंतराल पर भौतिक और रासायनिक गुणों में समानताएँ दिखाई देती हैं। मेंडलीव की आवर्त सारणी के अनुसार तत्वों के भौतिक व रासायनिक गुण उनके परमाणु भारों के आवर्ती फलन होते हैं।
Concept note आर्सेनिक का रासायनिक प्रतीक Aे है। आर्सेनिक का परमाणु क्रमांक 33 होता है और इसे उपधातु की श्रेणी में रखा जाता है।
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