Q.जब साबुन के पानी में लिटमस पत्र को डाला जाता है तो उसका रंग बदलकर......... हो जाता है।
Correct answer: नीला
Explanation
प्रयोगशाला में लिटमस पत्र का उपयोग अम्ल व क्षार के परीक्षण में किया जाता है। अम्ल की उपस्थित में नीला लिट्मस लाल रंग का हो जाता है। वही पदार्थ में यदि क्षार उपस्थित हो तो यह लाल लिट्मस को नीले रंग मे बदल देता है। साबुन का विलयन क्षारीय होता है इसीलिए यह लाल लिट्मस को नीला कर देता है। अर्थात जब साबुन के पानी में लिटमस पत्र को डाला जाता है तो उसका रंग बदलकर नीला हो जाता है।
प्रयोगशाला में लिटमस पत्र का उपयोग अम्ल व क्षार के परीक्षण में किया जाता है। अम्ल की उपस्थित में नीला लिट्मस लाल रंग का हो जाता है। वही पदार्थ में यदि क्षार उपस्थित हो तो यह लाल लिट्मस को नीले रंग मे बदल देता है। साबुन का विलयन क्षारीय होता है इसीलिए यह लाल लिट्मस को नीला कर देता है। अर्थात जब साबुन के पानी में लिटमस पत्र को डाला जाता है तो उसका रंग बदलकर नीला हो जाता है।