पदार्थ की गैस अवस्था में अणुओं की गतिज ऊर्जा उनके बीच आकर्षण बल से अधिक होती है, जिसके कारण वे एक दूसरे से दूर स्थित होते हैं और स्वतंत्र रूप से गतिमान रहते हैं
Chemistry Topic Wise questions
पदार्थ की गैस अवस्था में अणुओं की गतिज ऊर्जा उनके बीच आकर्षण बल से अधिक होती है, जिसके कारण वे एक दूसरे से दूर स्थित होते हैं और स्वतंत्र रूप से गतिमान रहते हैं
Q02.निम्नलिखित में से कौन-सा एक यौगिक नहीं है?
वह शुद्ध पदार्थ जो रासायनिक रूप से दो या दो से अधिक तत्वों के एक निश्चित अनुपात में रासायनिक संयोग से बने है, यौगिक कहलातें हैं। उदाहरण- कार्बन मोनोऑक्साइड (CO), सोडियम क्लोराइड, जल (प् ध्) इत्यादि जबकि लौह (इा) एक शुद्ध 2 रासायनिक तत्व है ना कि यौगिक। (ग्ग्) भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन
Q03.जल वाष्प के पुन: जल में रूपांतरण की प्रक्रिया हेतु निम्न में से किस शब्द का उपयोग किया जाता है?
संघनन –जलवाष्प के पुन: जल में बदलने की प्रक्रिया को संघनन कहते है। इसके चार रूप होते है– ओस, तुषार, कोहरा, बादल। उर्ध्वपातन वह प्रक्रिया है जिसके तहत कोई पदार्थ अपनी ठोस अवस्था से सीधे गैसीय अवस्था में बदल जाता है। विज्ञान
Q04.निम्नलिखित में से कौन सी प्रक्रिया, तरल को सीधे उसके वाष्प रूप में परिवर्तित करती है?
वाष्पीकरण – किसी तरल (द्रव) को उसे द्रव से गैस में परिवर्तित होने की क्रिया को वाष्पीकरण कहते हैं। जबकि संघनन वाष्पीकरण के विपरीत प्रक्रिया है इसके अंतर्गत द्रव की वाष्प उपयुक्त परिस्थिति में संघनित होकर सीधे द्रव में बदल जाती है। उर्ध्वपातन वह प्रक्रिया है जिसके तहत कोई पदार्थ अपनी ठोस अवस्था से सीधे गैस अवस्था में बदल जाता है।
Q05.इनमें से कौन सा रासायनिक परिवर्तन नहीं है?
जब कोई पदार्थ किसी अन्य पदार्थ से मिलकर एक नया पदार्थ बनाता है, या जब कोई पदार्थ दो या दो से अधिक पदार्थों में वियोजित होता है, तो इसे रासायनिक परिवर्तन कहते हैं। इन प्रक्रमों को रासायनिक अभिक्रिया कहते हैं जो प्राय: अनुत्क्रमणीय होती है। उदाहरण- लोहे पर जंग लगना, अगरबत्ती का जलना, दूध से दही बनना, ताप कोयला, ऊर्जा के लिए कार्बोहाइड्रेट का रूपांतरण आदि। भौतिक परिवर्तन के अन्तर्गत वे सभी परिवर्तन आते है जिनमें पदार्थ की रासायनिक प्रकृति या रासायनिक पहचान में कोई परिवर्तन नहीं होता है। जैसे- पानी को भाप में परिवर्तित करना, तौलिया में पानी का सूख जाना, आदि।
Q06.निम्नलिखित में से कौन सा एक रासायनिक परिवर्तन है?
जब किसी वस्तु या पदार्थ में ऐसा परिवर्तन होता है, जिससे उसके गुणों और आंतरिक संरचना में भी परिवर्तन हो जाता है, तो इसे रासायनिक परिवर्तन कहते है। जैसे- लकड़ी का जलना, फल का पकना, लोहे में जंग लगना इत्यादि। (ग्ग्ग्) डाल्टन का परमाणु सिद्धान्त
जॉन डाल्टन, एक ब्रिटिश रासायनज्ञ थे जिन्होंने पदार्थ की प्रकृति के बारे में बुनियादी सिद्धांत प्रदान किया जो रासायनिक संयोजन के नियमों पर आधारित था। जान डॉल्टन के परमाणु सिद्धांत के अनुसार-यौगिक बनाने के लिए परमाणु छोटी पूर्ण संख्याओं के अनुपात में संयोजित होते है। भिन्न -भिन्न तत्वों के परमाणुओं में विभिन्न द्रव्यमान और रासायनिक गुण होते हैं।
Q08.निम्नलिखित में से किसे ‘आधुनिक परमाणु सिद्धान्त का जनक’ माना जाता है?
जॉन डाल्टन को ‘आधुनिक परमाणु सिद्धान्त का जनक’ माना जाता है। डाल्टन के परमाणु सिद्धांत के प्रमुख बिन्दु निम्नवत् है- 1. प्रत्येक तत्व अतिसूक्ष्म अविभाज्य कणों से मिलकर बना है जिनकों परमाणु कहते हैं। 2. एक ही तत्व के सभी परमाणु आकार तथा गुणों में समान होते हैं। 3. परमाणु अविनाशी हैं अर्थात् किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में परमाणु को ना तो उत्पन्न किया जा सकते है और न ही नष्ट किया जा सकता है। 4. तत्वों के परमाणु आपस में संयोग करके संयुक्त परमाणु (अणु) बनाते हैं तथा इस संयुक्त परमाणु (अणु) में परमाणुओं की आपेक्षिक संख्या एवं उनका प्रकार निश्चित रहता है।
अणु पदार्थ का वह छोटा कण है जो प्रकृति में स्वतंत्र अवस्था में पाया जाता है। लेकिन रासायनिक प्रतिक्रिया में भाग नहीं ले सकता है अणु दो या दो से अधिक परमाणुओं से मिलकर बनता है।
Q10.पानी के एक अणु में, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के द्रव्यमानों का अनुपात कितना होता है?
जल का रासायनिक सूत्र प् ध् है, अर्थात् यह दो 2 हाइड्रोजन परमाणुओं एवं एक ऑक्सीजन परमाणु से मिलकर बना होता है। इसके एक अणु में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के द्रव्यमानों का अनुपात 1:8 होता है। हाइड्रोजन का परमाणु क्रमांक 1 तथा ऑक्सीजन का 8 होता है।
Q11.नाइट्रिक एसिड का आणविक द्रव्यमान क्या है?
एवोगैड्रो संख्या
Q12.एक आदर्श गैस का एक मोल 237 ख् और 1 aूस् दाब पर ______लीटर आयतन घेरता है।
एक आदर्श गैस का एक मोल 237 ख् और 1 aूस् दाब पर 22.4 लीटर आयतन घेरता है।
ऑक्सीजन (ध्) रंगहीन, स्वादहीन तथा गंध रहित 2 गैस है। इसकी खोज अथवा प्रारम्भिक अध्ययन में जे प्रिस्टले और सी. डब्लू शीले ने महत्वपूर्ण कार्य किया है ऑक्सीजन का परमाणु भार 16 और परमाणु संख्या 8 है। ग्राम में भार मोल · परमाणु भार ग्राम में भार 2 · · 64 16± 16
Q14.एल्युमिनियम के परमाणुओं के 4 मोल का द्रव्यमान क्या है?
मोल पदार्थ की मात्रा या पदार्थ की किसी निश्चित मात्रा में निहित कणों (परमाणु, अणु तथा आयन आदि) की संख्या प्रदर्शित करने का एक मात्रक है। ⇒ एल्युमिनियम के परमाणुओं के मोलों का द्रव्यमान · एल्युमिनियम की द्रव्यमान संख्या × मोलों की संख्या · 27×4 · 108 (जहाँ 27 एल्युमिनियम की द्रव्यमान संख्या) अत: Aत् के परमाणुओं के 4 मोल का द्रव्यमान 108 ग्राम होगा।
Q15.निम्नलिखित में से कौन सी विशेषता धातुओं द्वारा नहीं दिखाई जाती है?
वे तत्व जो सरलता से इलेक्ट्रॉन त्याग कर धनायन बनाते है और परमाणुओं के साथ मिलकर धात्विक बन्ध बनाते है, धातु कहलाते है। इनकी कई विशेषताएँ होती है जैसे– इनसे तार बनाया जाता है जिसमे इलेक्ट्र्रानो का गमन होता है। ये ऊष्मा तथा विद्युत का प्रवाह करती हैं। इन्हे किसी भी आकार में निर्मित किया जा सकता है। लेकिन नीरस दिखना इनकी विशेषता नही हैं।
Q16.निम्न में से कौन-सा तत्व एक उपधातु है?
वे तत्व जिनमें धातु तथा अधातु दोनों के गुण पाए जाते हैं, उपधातु कहलाते है। उपधातुओं में प्राय: बोरान, सिलिकॉन, जर्मेनियम, एण्टीमनी, आर्सेनिक, टेल्युरियम, पोलोनियम तथा एस्टेटिन को रखा जाता है।
Q17.निम्नलिखित में से क्या एक अधातु है?
वे तत्व जो आघातवर्ध्य एवं तन्य नहीं होते हैं तथा भंगुर होते हैं अधातु कहलाते हैं। इनमें धात्विक चमक नहीं होती एवं ये धातु की अपेक्षा नर्म होते हैं। इनका घनत्व कम होता है और विद्युत एवं ऊष्मा के कुचालक होते हैं। नाइट्रोजन, लकड़ी, हाइड्रोजन, हीलियम, कार्बन, ऑक्सीजन, ब्रोमीन, आयोडीन आदि अधातु हैं। (न्ग्ग्) मिश्रण एवं मिश्रण को अलग करने की प्रमुख विधियाँ
Q18.जब किसी मिश्रण में पानी मिलाने पर इसका भारी घटक अवक्षेपित हो जाता है, तो प्रक्रिया को कहा जाता है।
जब किसी मिश्रण में पानी मिलाया जाता है तो उसका भारी घटक अवक्षेपित हो जाता है, इस प्रक्रिया को ‘अवसादन’ कहा जाता है। गौरतलब है कि अवसादन की प्रक्रिया में तरल पदार्थ (द्रव या गैस) में उपस्थित कण जमीन पर आकर बैठ जाते हैं। ध्यातव्य है कि अवसादन तरल में निलम्बित कणों पर लगने वाले गुरूत्व बल या अपकेन्द्री बल के कारण घटित होने वाली एक प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया को भूविज्ञान में अपरदन की विपरीत क्रिया माना जाता है।
Q19.एक कप पानी में फैलने वाले खाद्य रंग की एक बूंद, इसका उदाहरण है–
आपस में मिलाने पर जब दो द्रव प्राकृतिक रूप से क्रियाशील होकर एक नये समांग मिश्रण (विलयन) का निर्माण करते हैं तो उस क्रिया को ‘विसरण’ कहते हैं। जैसे जब किसी द्रव (पानी) में स्याही की कुछ बूँदों को डाल दिया जाता है तो स्याही में उपस्थित कणों का जल में विसरण (फैल जाने) के कारण संपूर्ण पानी का रंग स्याही के रंग के समान हो जाता है। यह क्रिया तब तक चलती रहती है जब तक जल एवं स्याही का एक समांग मिश्रण (विलयन) नहीं बन जाता।
Q20.निम्नलिखित में से कौन सा एक विजातीय मिश्रण है?
जिस मिश्रण के प्रत्येक भाग के गुण एक समान नहीं होते, उसे विषमांग/विजातीय (पूीदुाहादल्े) मिश्रण कहते है। जैसे- निलंबन एक विजातीय मिश्रण है, जिसमें ठोस के छोटे-छोटे कण पूरे द्रव में, बिना घुले फैले रहते हैं। जबकि जिस मिश्रण के प्रत्येक भाग के सभी गुण एक समान होते हैं उसे समांगी/सजातीय (प्दस्दुाहादल्े) मिश्रण कहते हैं। जैसे-जल में चीनी का विलयन।
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