Q108. । 08. निम्नलिखित में से कौनसा विकल्प शब्द-शक्तियों के संबंध में संगत नहीं है?
A मुख्यार्थ को छोड़कर जहाँ पर प्रचलन के कारण अन्य अर्थ ग्रहण किया जाता है, वहाँ रूढ़ि लक्षणा होती है।
B जो शब्द शक्ति वक्ता, बोद्धव्य, वाक्य अन्यसन्निधि, वाच्य, प्रकरण, देश, काल, काकु, चेष्टा आदि की विशेषता के कारण व्यंग्यार्थ की प्रतीति कराती है, वह आर्थी व्यंजना कही जाती है।
C जहाँ पर मुख्य अर्थ की बाधा होने पर सादृश्य संबंधों के द्वारा उसे ग्रहण किया जाये, वहाँ पर शुद्धा प्रयोजनवती लक्षणा होती है।
D जहाँ पर मुख्यार्थ की बाधा होने पर लक्षणा शक्ति से अन्य अर्थ निकलता है, परन्तु उसके बाद भी दूसरा अर्थ प्राप्त होता है, वहाँ पर लक्षणामूला शाब्दी व्यंजना होती है। ः ४ क्
E अनुत्तरित प्रश्न
Show answer
Correct answer: जहाँ पर मुख्य अर्थ की बाधा होने पर सादृश्य संबंधों के द्वारा उसे ग्रहण किया जाये, वहाँ पर शुद्धा प्रयोजनवती लक्षणा होती है।
Q110. साधारणीकरण के संबंध में असंगत कथन है —
A अभिनवगुप्त के अनुसार भाव का साधारणीकरण सामूहिक क्रिया नहीं है, वह कला के क्षेत्र में वैयक्तिक क्रिया है।
B डॉ. नगेन्द्र के अनुसार साधारणीकरण कवि की अपनी अनुभूति का होता है।
C आचार्य नंददुलारे वाजपेयी के अनुसार साधारणीकरण रचयिता और उपभोक्ता के बीच भावना का तादात्म्य है।
D आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के अनुसार साधारणीकरण आलम्बनत्व धर्म का होता है।
E अनुत्तरित प्रश्न
Show answer
Correct answer: अभिनवगुप्त के अनुसार भाव का साधारणीकरण सामूहिक क्रिया नहीं है, वह कला के क्षेत्र में वैयक्तिक क्रिया है।
Q111. अर्द्धमागधी अपभ्रंश से विकसित हिन्दी बोलियों का समूह है —
A बिहारी
B राजस्थानी
C पश्चिमी हिंदी ।
D पूर्वी हिन्दी
E अनुत्तरित प्रश्न
Show answer
Correct answer: पूर्वी हिन्दी
Q112. तत्पुरुष समास का उदाहरण नहीं है —
A खेचर
B मनोनित
C देशकाल
D तटस्थ
E अनुत्तरित प्रश्न
Show answer
Correct answer: देशकाल
Q113. आचार्य विश्वनाथ के अनुसार रस के स्वरूप के संबंध में असंगत विकल्प है —
A रसानुभव अन्य ज्ञान से रहित होता है।
B रस का प्रकाशन आत्मचैतन्य से होता है।
C रसानंद ही वास्तविक ब्रह्मानंद है।
D रस का उदय वहाँ होता है, जहाँ सतोगुण का उद्रेक होता है।
E अनुत्तरित प्रश्न
Show answer
Correct answer: रसानंद ही वास्तविक ब्रह्मानंद है।
Q114. “हंस, छोड़ आये कहाँ मुक्ताओं का देश? यहाँ वन्दिनी के लिए लाये क्या संदेश?” पद में ‘मुक्ताओं का देश’ का व्यंजित अर्थ नहीं है —
A साकेत नगरी
B मुक्त आत्माओं का देश
C मानसरोवर
D स्वाधीन जनों का देश
E अनुत्तरित प्रश्न
Show answer
Correct answer: साकेत नगरी
Q116. “बिरह भुवंगम तन बसे, मंत्र न लागै कोइ। कर राम बियोगी न जिवै, जिवै तौ बौरा होइ।।” साखी में ‘भुवंगम’ का अर्थ है —
A भवन :
B वियोगी
C भ्रमर
D सर्प
E अनुत्तरित प्रश्न
Show answer
Correct answer: सर्प
Q117. इन शब्दों को पढ़िए - हु (ओ) पार्षद (ब) पारिजात (सं) पार्थक्य (द) पार्श्वनाथ ...._ शब्दकोश में इन शब्दों का क्रम क्रमशः होगा
A (स), (द), (ब), (अ)
B (ब), (द), (अ), (स)
C (ब), (स), (द), (अ)
D (ब), (अ), (द), (स)
E अनुत्तरित प्रश्न
Show answer
Correct answer: (ब), (स), (द), (अ)
Q118. किस विकल्प में सभी शब्द यौगिक क्रियाविशेषण हैं? ।
A रात तक, अचानक
B दिनभर, दूर
C पहले, ठीक
D प्रेमपूर्वक, इसलिये
E अनुत्तरित प्रश्न
Show answer
Correct answer: प्रेमपूर्वक, इसलिये
Q119. “भक्ति के लिये भगवान के साथ वैयक्तिक संबंध आवश्यक है और अवतार उस संबंध के लिए आवश्यक सामग्री... . प्रस्तुत करते हैं। यही कारण है कि मध्यंयुग के प्रायः सभी धार्मिक संप्रदायों ने किसी-न-किसी रूप में अवतार की कल्पना अवश्य की है।” मध्यकालीन भक्ति-साहित्य की विवेचना में उक्त कथन किस विद्वान का है?
A आचार्य विश्वनाथ प्रसाद मिश्र
B आचार्य रामचंद्र शुक्ल
C आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी
D डॉ. रामकुमार वर्मा
E अनुत्तरित प्रश्न
Show answer
Correct answer: आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी
Q120. शुद्ध शब्द है —
A ) व्यवहारिक
B रसिक
C विदेशिक
D सप्ताहिक । । श
E अनुत्तरित प्रश्न
Show answer
Correct answer: रसिक
Q121. निम्न में से किस पंक्ति में दुष्क्रमत्व दोष है?
A राजन! देहु तुरंग मोहि, अथवा देहु मतंग।
B घंटों ले के जननि-हरि को गोद में बैठती थीं।
C लंका-पुरि-पति को जो भ्राता तासु प्रिया नहिं आवति।
D पावन पद वन्दन करके प्रभु, कब कृतार्थ्य मिले मुझ को।
E अनुत्तरित प्रश्न
Show answer
Correct answer: राजन! देहु तुरंग मोहि, अथवा देहु मतंग।
Q122. शुद्ध शब्द नहीं है —
A अभ्यास
B अभ्यान्तर
C अभ्युदय
D अभ्युत्थान
E अनुत्तरित प्रश्न
Show answer
Correct answer: अभ्यान्तर
Q123. अभिधामूला ध्वनि के संदर्भ में असंगत है —
A इसका एक भेद अर्थान्तरसंक्रमितवाच्य ध्वनि है।
B इसे विवक्षितवाच्य ध्वनि भी कहा जाता है।
C रस, भावादि के व्यंजित होने के कारण इसे रस ध्वनि कहते हैं।
D वाच्यार्थ से व्यंग्यार्थ की प्रतीति होती है।
E अनुत्तरित प्रश्न
Show answer
Correct answer: इसका एक भेद अर्थान्तरसंक्रमितवाच्य ध्वनि है।
Q124. किस विकल्प के सभी शब्द शुद्ध हैं? ४ ।
A मध्याह्, अतिथि रे
B स्बावलंबन, जिव्हा
C निश्च्छल, ब्रह्मा
D उल्लंघन, ईर्षा ।
E अनुत्तरित प्रश्न
Show answer
Correct answer: मध्याह्, अतिथि रे
Q125. रसनिष्पत्ति के लिए भावकत्व तथा भोजकत्व व्यापार की स्थापना किस आचार्य द्वारा की गई?
A शंकुक
B भट्टलोल्लट
C अभिनवगुप्त
D भट्टनायक
E अनुत्तरित प्रश्न
Show answer
Correct answer: भट्टनायक
Q126. “बहुत दिनन थें मैं प्रीतम पाये, भाग बड़े घरि बैठे आये।। मंगलाचार माँहि मन राखौं, राम रसाँडण रसना चार्षों। मंदिर माँहि भयो उजियारा, ले सुतो अपना पीव पियारा।। ः मैं रनि राती जे निधि पाई, हमहिं कहाँ यह तुमहि बड़ाई। कहै कबीर मैं कछु न कीन्हा, सखी सुहाग राम मोहि दीन्हा ।।” प्रस्तुत पद की व्याख्या के संदर्भ में असंगत है
A भक्त का दैन्य तथा परमात्मा के अनुग्रह का स्पष्ट वर्णन
B 'कहै कबीर मैं कछु न कीन्हा, सखी सुहाग राम मोहि दीन्हा' पंक्ति में अपहनुति अलंकार ः
C मिलन सुख की अनिर्वचनीयता की भी अभिव्यंजना
D दाम्पत्य प्रतीकों द्वारा आत्मा-परमात्मा के मिलन की अद्भुत व्यंजना *
E अनुत्तरित प्रश्न
Show answer
Correct answer: 'कहै कबीर मैं कछु न कीन्हा, सखी सुहाग राम मोहि दीन्हा' पंक्ति में अपहनुति अलंकार ः
Q127. बालकाण्ड के आधार पर रामचरित्र के श्रोताओं का सही क्रम है कर
A पार्वती - काकभुशुण्डि - भरद्वाज - याज्ञवल्क्य
B पार्वती - भरद्वाज - काकभुशुण्डि - याज्ञवल्क्य
C पार्वती - काकभुशुण्डि - याज्ञवल्क्य - भरद्वाज
D पार्वती - याज्ञवल्क्य - भरद्वाज - काकभुशुण्डि
E अनुत्तरित प्रश्न
Show answer
Correct answer: पार्वती - काकभुशुण्डि - याज्ञवल्क्य - भरद्वाज
Q128. “मीत सुजान अनीत करौ जिन, हाहा न हूजियै मोहि अमोही । डीठि. कौ और कहूँ नहिं ठौर फिरी दृग रावरे रूप की दोही। एकबिसास की टेक गहे लगि आस रहे बसि प्रान-बटोही। हां घनआनँद जीवनमूल दई कित प्यासनि मारत मोही ।”
A दर्शन की इच्छा ६३8
B प्रिय का जीवनदायी होकर पिपासा शांत करना
C उपालम्भं
D विश्वासघात ः
E अनुत्तरित प्रश्न
Show answer
Correct answer: प्रिय का जीवनदायी होकर पिपासा शांत करना
Q129. खड़ी बोली गद्य के प्रारंभिक चार उन्नायकों में शामिल नहीं हैं —
A लाला भगवानदीन
B लल्लूलाल
C इंशा अल्ला खाँ
D सदल मिश्र
E अनुत्तरित प्रश्न
Show answer
Correct answer: लाला भगवानदीन