वन्य जीवों एवं वनस्पतियों की लुप्तप्राय प्रजातियों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर कन्वेंशन एक अंतरराष्ट्रीय समझौता है जिसका पालन राष्ट्र तथा क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण संगठन स्वैच्छिक रूप से करते है। CITES 1 जुलाई 1975 में लागू हुआ था, भारत 20 जुलाई, 1976 को इसमें शामिल हुआ तथा 18 अक्टूबर 1976 से लागू हुआ। भारत इस समझौते में शामिल होने वाला 25वाँ सदस्य देश बना। वर्तमान में CITES के 184 सदस्य देश है।
Ecology Environment Topic Wise questions
वन्य जीवों एवं वनस्पतियों की लुप्तप्राय प्रजातियों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर कन्वेंशन एक अंतरराष्ट्रीय समझौता है जिसका पालन राष्ट्र तथा क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण संगठन स्वैच्छिक रूप से करते है। CITES 1 जुलाई 1975 में लागू हुआ था, भारत 20 जुलाई, 1976 को इसमें शामिल हुआ तथा 18 अक्टूबर 1976 से लागू हुआ। भारत इस समझौते में शामिल होने वाला 25वाँ सदस्य देश बना। वर्तमान में CITES के 184 सदस्य देश है।
CITES (वन्य जीवों और वनस्पतियों की लुप्तप्राय प्रजातियों में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर समझौता) सरकारों के बीच एक अंतर्राष्ट्रीय समझौता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जंगली जानवरों और पौधों की प्रजातियों का अंतर्राष्ट्रीय व्यापार उनके अस्तित्व के लिए खतरा नहीं है।
Q43.पृथ्वी शिखर सम्मेलन 1992 के एजेंडा 21 में, 21 का क्या अर्थ है?
एजेंडा 21 सतत् विकास के सम्बंध में संयुक्त राष्ट्र की एक गैर-बाध्यकारी कार्य योजना है। यह 1992 में ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में आयोजित पृथ्वी शिखर सम्मेलन का एक उत्पाद है। एजेंडा 21 पहल का एक प्रमुख उद्देश्य यह है कि प्रत्येक स्थानीय सरकार को अपना स्थानीय एजेंडा 21 तैयार करना चाहिये। इसका उद्देश्य शुरू में वर्ष 2000 तक वैश्विक सतत् विकास हासिल करना था, एजेंडा 21 में 21वीं सदी के मुख्य लक्ष्य का जिक्र था।
Q44.UNFCCC का पूर्ण रूप क्या है?
UNFCCC का पूर्ण रूप ‘जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन’ है। सन् 1992 में पर्यावरण और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन का आयोजन ब्राजील की राजधानी रियो-डी-जेनेरियो में किया गया। यह शिखर सम्मेलन ‘रियो शिखर सम्मेलन या पृथ्वी सम्मेलन’ के रूप में जाना गया। इसी सम्मेलन में पर्यावरण की रक्षा के लिए एक व्यापक संधि पर सहमति बनी, जिसे 'UNFCCC' कहा जाता है।
पर्यावरण के संरक्षण के सम्बन्ध में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर स्वीडन के स्टॉकहोम शहर में 5 जून, 1972 को स्टॉकहोम सम्मेलन प्रारम्भ हुआ था। यह मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण को स्थायी कार्बनिक प्रदूषकों से बचाने के लिए एक वैश्विक संधि है। इस सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मानवीय पर्यावरण के संरक्षण तथा सुधार की विश्वव्यापी समस्या का निदान करना था तथा प्रत्येक वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाने की घोषणा इसी सम्मेलन में हुई थी। स्टॉकहोम सम्मेलन अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में कुछ खतरनाक रसायनों और कीटनाशकों से संबंधित नहीं था। जबकि अन्य सभी विकल्प सही सुमेलित हैं।
Q46.बेसल प्रोटोकॉल निम्नलिखित में से किससे संबंधित है?
बेसल प्रोटोकॉल खतरनाक अपशिष्ट पदार्थों के सीमापार स्थानान्तरण से संबंधित है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 1989 में बेसल (स्विटजरलैण्ड) में बेसल अभिसमय पर हस्ताक्षर किये गये। इसके मुख्य प्रावधान हैं- (1) खतरनाक अपशिष्टों को कम करना और खतरनाक अपशिष्टों के निपटारे का उचित प्रबन्धन करना। (2) अपशिष्ट निपटान प्रबंधन के सिवाय खतरनाक अपशिष्टों क्लीनिकल वेस्ट, खनन औद्योगिक कचरा, ई-कचरा, कम्प्यूटर चिप, पी.सी.वी. उपकरण बैट्री आदि के स्थानान्तरण के लिए एक नियामक प्रणाली का गठन करना।
Q47.रामसर कन्वेंशन के अनुसार, ‘विश्व आर्द्रभूमि दिवस’ कब मनाया जाता है?
विश्व की आर्द्रभूमियों के संरक्षण तथा उनसे संबंधित जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 2 फरवरी को विश्व आर्द्रभूमि दिवस मनाया जाता है। वर्ष 2019 के लिए विश्व आर्द्रभूमि दिवस की थीम ‘आर्द्रभूमि और जलवायु परिवर्तन’ थी। ध्यातव्य है कि 2 फरवरी, 1971 को ही संयुक्त राष्ट्र के तत्वावधान में विश्व की आर्द्रभूमियों के संरक्षण के लिए ईरान के रामसर में ‘रामसर कन्वेंशन’ साइन किया गया था। वर्तमान में, भारत में कुल आर्द्र भूमियों की संख्या 75 है। अगस्त 2022 में 11 नई साइटों को शामिल किया गया, जिसमें तमिलनाडु (4), ओडिशा (5), जम्मू एवं कश्मीर (2), मध्य प्रदेश और महाराष्ट (1) आदि से संबंधित स्थल शामिल है।
Q48.रामसर सम्मेलन का उद्देश्य ––––– के संरक्षण से है।
उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।
Q49.दिसंबर 2020 की तिथि तक, भारत में कितने रामसर (RAMSAR) स्थल है?
दिसम्बर 2020 में भारत ने लद्दाख के ‘त्सो कर’ आर्द्रभूमि क्षेत्र को अपने 42वें रामसर स्थल के रूप में शमिल किया है। वर्तमान में भारत में कुल रामसर स्थलों की संख्या 75 है।
स्तभं- (क) स्तभं- (ख) (1) बेसल सम्मेलन - खतरनाक अपशिष्ट पदार्थों का स्थानातंरण (2) मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल - ओजोन परत (3) क्योटो प्रोटोकॉल - हरितगृह गैसें।
Q51.विशेष जलवायु परिवर्तन निधि किस वर्ष में स्थापित किया गया था।
विशेष जलवायु परिवर्तन निधि (SCCF) का गठन यूएनएफसीसीसी के तहत वर्ष 2001 में किया गया था। इसे तकनीकी हस्तातंरण, क्षमता निर्माण, ऊर्जा, परिवहन, उद्योग, कृषि वानिकी और अपशिष्ट प्रबंधन एवं आर्थिक विविधीकरण से संबंधित परियोजनाओं के वित्तीयन के लिए गठित किया गया था। यह जीवाश्म ईधन से प्राप्त आय पर अत्यधिक निर्भर देशों में आर्थिक विविधीकरण व जलवायु परिवर्तन राहत हेतु अनुदान देता है।
Q52.रियो शिखर सम्मेलन का संबंध किससे है?
दक्षिण अमेरिकी देश ब्राजील के शहर ‘रियो डि जेनेरो’ में 3-14 जून 1992 के मध्य ‘संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण और विकास सम्मेलन हुआ। इस सम्मेलन में 116 देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने भाग लिया और इसे पृथ्वी शिखर सम्मेलन या ‘रियो सम्मेलन ’ के नाम से भी जाना जाता है। इस सम्मेलन में तीन बाध्यकारी समझौते किये गये जिन्हें- ‘‘जैव विविधता’’ पर अभिसमय (सम्मेलन), ‘जलवायु परिवर्तन पर फ्रेमवर्क अभिसमय’ और मरूस्थलीकरण से निपटने हेतु ‘संयुक्त राष्ट्र अभिसमय’ के नाम से जाना जाता है।
Q53.निम्नलिखित में से कौन-सा विश्व का सर्वोच्च ‘पर्यावरण संरक्षण पुरस्कार’ है?
गोल्डन पांडा पुरस्कार पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहन देने के लिये प्रदान किया जाने वाला विश्व का सर्वोच्च पर्यावरण संरक्षण पुरस्कार है। इसे ‘ग्रीन आस्कर’ के नाम से भी जाना जाता है।
Q54.रेड डेटा बुक में किसका विवरण दर्ज होता है?
संकटग्रस्त प्रजातियों की IUCN की रेड डाटा बुक पौधों एवं पशुओं के संदर्भ में सूचना प्रदान करती है। आईयूसीएन (अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ) विश्व स्तर पर विभिन्न जातियों की संरक्षण स्थिति पर निगरानी रखने वाला सर्वोच्च संगठन है। आईयूसीएन का मुख्यालय स्विटजरलैंड की राजधानी जेनेवा के निकट ग्लैंड नामक स्थान पर है। इस संगठन द्वारा ‘रेड डाटा सूची’ की शुरूआत वर्ष 1964 में की गई थी। विश्व के विभिन्न संरक्षण संगठनों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर रेड डाटा सूची जारी की जाती है। इस सूची में विलुप्त वन, संकटग्रस्त, घोर संकटग्रस्त श्रेणियों के अंतर्गत पौधों एवं जीवों की स्थिति को दर्शाया जाता है।
Q55.किस IUCN दस्तावेज में वनस्पतियों और जीवों की लुप्तप्राय प्रजातियों की सूची है?
उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।
Q56.कारिंगली पुंछ आर्द्रभूमि किस राज्य में स्थित है?
कारिंगली पुंछ आर्द्रभूमि केरल राज्य में स्थित है। इस आर्द्रभूमि पर हंस पक्षी पाया जाता है। यह पक्षी भारतीय साहित्य में बहुत ही विवेकी पक्षी माना जाता है।
Q57.निम्नलिखित में से कौन-सा विश्व का सबसे बड़ा मैंग्रोव वन है?
भारत तथा बांग्लादेश में स्थित गंगा-ब्रम्हपुत्र नदियों के मुहाने पर निर्मित डेल्टा पर स्थित सुन्दरवन विश्व का सबसे बड़ा मैंग्रोव वन है तथा इसके मुख्य क्षेत्र को सन् 1973 में टाइगर रिजर्व, सन 1977 में वन्यजीव अभ्यारण्य तथा 4 मई, 1984 को राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया। भारतीय क्षेत्र में स्थित सुन्दरबन यूनेस्को (UNESCO) के विश्व धरोहर स्थल का हिस्सा है। ये वृक्ष यहां के दलदली डेल्टाओं में घनाकार रूप में विकसित हैं जिनमें बंगाल टाइगर का प्राकृतिक निवास है।
Q58.निम्नलिखित में से कौन सी आर्द्रभूमि केरल में स्थित है?
सस्थमकोटा झील केरल में स्थित है। यह केरल की सबसे बड़ी ताजे पानी की झील है, जिसे झीलों की रानी के रूप में जाना जाता है। अगस्त, 2002 में इसे रामसर कन्वेन्शन के तहत अंतर्राष्ट्रीय महत्व का स्थल घोषित किया गया है यह झील मत्स्य उद्योग के लिये प्रसिद्ध है। इसमें 27 प्रजातियों की मछलियां पर्ल स्पॉट, कैटफिश, झीगा, हैरिंग इत्यादि पायी जाती है।
Q59.रेणुका आर्द्रभूमि नामक रामसर आर्द्रभूमि स्थान निम्नलिखित में से किस राज्य में स्थित है?
भारत के विभिन्न राज्यों में स्थित रामसर स्थल राज्य रामसर स्थल (i) हिमाचल प्रदेश रेणुका आर्द्रभूमि, चंद्रताल आर्द्रभूमि (ग्ग्) आंध्र प्रदेश कोलेरू झील (ग्ग्ग्) मध्य प्रदेश भोजताल आर्द्रभूमि (ग्न्) उत्तर प्रदेश हैदरपुर आर्द्रभूमि
कबरताल आर्द्रभूमि को नवंबर 2020 में रामसर साइट के रुप में नामित किया गया था। यह वर्तमान मे बिहार राज्य के बेगुसराय जिले में स्थित पहली आर्द्रभूमि है। आसन कंजर्वेशन रिजर्व, उत्तराखंड से प्रतिष्ठित रामसर साइटो की सूची में शामिल होने वाली पहली आर्द्रभूमि थी।
Topics to cover next.
General practice
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