Q.ताँबे के तार की एक आयताकार कुंडली किसी चुंबकीय क्षेत्र में घूर्णी गति कर रही है। इस कुंडली में प्रेरित विद्युत धारा की दिशा में परिवर्तन कितने परिभ्रमण के पश्चात होता है?
Correct answer: आधा घूर्णन
Explanation
ताँबे के तार की एक आयताकार कुंडली जो किसी चुंबकीय क्षेत्र में घूर्णी गति कर रही है। इस कुंडली की प्रेरित विद्युत धारा की दिशा में प्रत्येक आधा घूर्णन (परिभ्रमण) के पश्चात परिवर्तन होता है।
ताँबे के तार की एक आयताकार कुंडली जो किसी चुंबकीय क्षेत्र में घूर्णी गति कर रही है। इस कुंडली की प्रेरित विद्युत धारा की दिशा में प्रत्येक आधा घूर्णन (परिभ्रमण) के पश्चात परिवर्तन होता है।