Q.जब मनुष्य किसी वस्तु को देखता है, तो उसकी उल्टी वास्तविक छवि कहाँ बनती है?
Correct answer: रेटिना
Explanation
रेटिना नेत्र का भीतरी तंत्रिका स्तर है, यह अनेक पर्तों का बना होता है। जिनकी रचना तन्तुओं, तंत्रिका कोशिकाओं, शलाकाओं और शंकुओं से होती है। दृष्टि शलाकायें मंद प्रकाश में प्रकाश और अंधेरे का ज्ञान कराती है। जब किसी वस्तु से निकली प्रकाश किरणें नेत्र में प्रवेश करती है तो कैमरे की फिल्म की भाँति वस्तु की वास्तविक उल्टी तथा छोटी प्रतिवर्ती नेत्र की रेटिना पर पड़ती है। रेटिना की संवेदी कोशिकायें संवेदित होती है और दृकतंलिश इस संवेदना को मस्तिष्क में पहुंचाती हैं।
रेटिना नेत्र का भीतरी तंत्रिका स्तर है, यह अनेक पर्तों का बना होता है। जिनकी रचना तन्तुओं, तंत्रिका कोशिकाओं, शलाकाओं और शंकुओं से होती है। दृष्टि शलाकायें मंद प्रकाश में प्रकाश और अंधेरे का ज्ञान कराती है। जब किसी वस्तु से निकली प्रकाश किरणें नेत्र में प्रवेश करती है तो कैमरे की फिल्म की भाँति वस्तु की वास्तविक उल्टी तथा छोटी प्रतिवर्ती नेत्र की रेटिना पर पड़ती है। रेटिना की संवेदी कोशिकायें संवेदित होती है और दृकतंलिश इस संवेदना को मस्तिष्क में पहुंचाती हैं।