Q.निम्नलिखित में से किस वैज्ञानिक ने मटर के पौधों पर काम करते हुए वंशानुक्रम के मौलिक कानून की खोज की थी?
Correct answer: ग्रेगर मेंडल
Explanation
ग्रेगर जॉन मेण्डल ने 1856 से 1863 तक मटर के पौधों पर संकरण के बहुत से प्रयोग किये तथा वंशानुक्रम के मौलिक नियम की खोज की। मेण्डल ने निष्कर्ष निकाला कि वंशागति की इकाई तरल द्रव न होकर ठोस द्रव है। इस इकाई को मेण्डल ने कारक कहा किन्तु अब इसे जीन कहते हैं। मेण्डल ने आनुवशिंकी के तीन नियम दिये– 1. विसंयोजन नियम– लक्षण विशेष प्रथम पीढ़ी में छिप जाने पर भी बाद की पीढि़यों में प्रकट हो जाते है। 2. स्वतंत्र अपव्यूहन नियम– दो या अधिक लक्षणों के जोड़ों के संकरण में प्रत्येक जोड़ा कारक स्वतंत्र रूप से स्थानातंरित होता है। 3. प्रभाविकता का नियम– यदि कोई दो कारक हो और वह दोनों समान न हो तो उनमें से एक कारक दूसरे पर आसानी से प्रभावी हो जायेगा।
ग्रेगर जॉन मेण्डल ने 1856 से 1863 तक मटर के पौधों पर संकरण के बहुत से प्रयोग किये तथा वंशानुक्रम के मौलिक नियम की खोज की। मेण्डल ने निष्कर्ष निकाला कि वंशागति की इकाई तरल द्रव न होकर ठोस द्रव है। इस इकाई को मेण्डल ने कारक कहा किन्तु अब इसे जीन कहते हैं। मेण्डल ने आनुवशिंकी के तीन नियम दिये– 1. विसंयोजन नियम– लक्षण विशेष प्रथम पीढ़ी में छिप जाने पर भी बाद की पीढि़यों में प्रकट हो जाते है। 2. स्वतंत्र अपव्यूहन नियम– दो या अधिक लक्षणों के जोड़ों के संकरण में प्रत्येक जोड़ा कारक स्वतंत्र रूप से स्थानातंरित होता है। 3. प्रभाविकता का नियम– यदि कोई दो कारक हो और वह दोनों समान न हो तो उनमें से एक कारक दूसरे पर आसानी से प्रभावी हो जायेगा।