Q.भाषा-शिक्षण को……-सन्दर्भ मंे रखकर देखने की आवश्यकता है।
Correct answer: बहुभाषी निर्देश=(112ă120) :नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही@ सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए। लघु उद्याेग उन उद्याेगों को कहा जाता है जिनके समारम्मभ एवं आयोजन के लिए भारी-भरकम साधानों की आवश्यकता नहीं पड़ती। वे थोडे़-से स्थान पर; थोड़ी पूँजी और अल्प साधानों से ही आरम्भ किए जा सकते हैं। फिर भी उनसे सुनियोजित ढंग से अधिकाधिक लाभ प्राप्त करके देश की निर्धानता; गरीबी और विषमताओं से एक सीमा तक लड़ा जा सकता है। अपने आकार-प्रकार तथा साधानों की लघुता व अल्पता के कारण ही इस प्रकार के उद्याेग-धान्धाों को कुटीर-उद्याेग भी कहा जाता है। इस प्रकार के उद्याेग-धान्धो अपने घर में भी आरम्भ किए जा सकते है और अपने सीमित साधानों का सदुपयोग करके आर्थक लाभ कमाया जा सकता है और सुखी-समृद्ध बनाया जा सकता है। भारत जैसे देश के लिए तो इस प्रकार के लघु उद्याेगों का महटव और भी बढ़ जाता है क्योंकि यहाँ युवाओं की एक बहुत बड़ी संख्या बेरोजगार है। इसी कारण महात्मा गाँधाी ने मशीनीकरण का विरोधा किया था। उनकी यह CTET(कक्षा=I-V) सितम्बर=2016पेपर-Iसाॉल्वड पेपर स्पष्ट धारणा थी कि लघु उद्याेगों को प्रश्रय देने से लोग स्वावलम्बी बनेंगे; मजदूर-किसान फसलों की बुआर्इ-कटार्इ से पुफर्सत पाकर अपने खाली समय का सदुपयोग भी करेंगे। इस प्रकार आर्थक समृद्धि तो बढे़गी ही; साथ ही लोगों को अपने घर के पास रोजगार मिल सकेगा।