Q67. आदिकालीनं शिलांकित कृति है - ह ह
A वर्णरत्नाकर हि शप
B उक्ति-व्यक्ति-प्रकरण
C राउलवेल पा
D श्रावकाचार ः
E अनुत्तरित प्रश्न
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Correct answer: राउलवेल पा
Q68. निम्नलिखित में से काव्यांश और उसमें निहित काव्य-दोष की दृष्टि से असंगत विकल्प है
A अ-मानुषी भूमि अ-बानरी करौं। - अक्रमत्व दोष
B कैसे कहते हो इस दुआर पर फिर से कभी न आऊँ। - ग्राम्यत्व दोष
C अजा-सहेली ता रिपू जननी-भरतार । ताके सुत के मीत को सुमिरौं बारंबार । - अप्रतीतत्व दोष
D पर क्या न विषयोत्कृष्टता करती विचारोत्कृष्टता । - श्रुतिकटुत्व दोष
E अनुत्तरित प्रश्न
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Correct answer: अजा-सहेली ता रिपू जननी-भरतार । ताके सुत के मीत को सुमिरौं बारंबार । - अप्रतीतत्व दोष
Q69. “आपने इस अनित्य शरीर का, जो अल्प ही काल में नाश हो जाएगा, इतना मोह किया।' वाक्य में रेखांकित उपवाक्य का प्रकार है
A ) कालवाचक क्रियाविशेषण उपवाक्य ' डा
B रीतिवाचक क्रियाविशेषण उपवाक्य
C संज्ञा उपवाक्य :ह्ज
D विशेषण उपवाक्य
E अनुत्तरित प्रश्न
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Correct answer: विशेषण उपवाक्य
Q70. “यह कहानी अर्थमूलक यथार्थ के कई जटिल आग्पमों को एक साथ उद्घाटित करती है। ये सारे आयाम आपस में तने हुए लक्षित होते हैं।' “कफन' कहानी के संदर्भ में यह कथन किसका है? ला
A ) रामदरश मिश्र हे
B यशपाल ।
C कमलेश्वर
D अमरकान्त
E अनुत्तरित प्रश्न
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Correct answer: ) रामदरश मिश्र हे
Q71. “पुरस्कार का भी केन्द्रबिंदु प्रेम का दन्द्र ही है, जो उगता तो है बाहरी परिवेश के बीच किंतु धीरे-धीरे अपने भीतर से ही विकसित होने लगता है।' 'पुरस्कार' कहानी पर यह टिप्पणी किसकी है? -:
A रामदरश मिश्र
B महीप सिंह
C राजेन्द्र यादव
D कमलेश्वर
E अनुत्तरित प्रश्न
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Correct answer: रामदरश मिश्र
Q72. हीन भएँ जल मीन अधीन कहा कछु मो अकुलानि समानै । । नीर-सनेही कों लाय कलंक निरास है कायर त्यागत प्रानै ।। प्रीति की रीति सु क्यों समुझे जड़ मीत के पानि परें कों प्रमानै। या मन की जु दसा घनआनंद जीव की जीवनि जान ही जानै।। ; छन्द की व्याख्या के संबंध में असंगत है
A सवैया छंद है। ।
B साहस के अभाव का संकेत है।
C 'घनानंद' से सुजान भी संकेतित हैं।
D मीन और विरही की व्याकुलता पूर्णतः सदृश है और दोनों ही वियोग में निराश होकर कायरों की भाँति प्राण हा देते हैं।
E अनुत्तरित प्रश्न
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Correct answer: मीन और विरही की व्याकुलता पूर्णतः सदृश है और दोनों ही वियोग में निराश होकर कायरों की भाँति प्राण हा देते हैं।
Q73. “इंदौर पहले एक गाँव था।” अर्थ की दृष्टि से वाक्य का प्रकार है —
A विधानार्थक
B संकेतार्थक
C संदेहसूचक
D निषेधवाचक
E अनुत्तरित प्रश्न
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Correct answer: विधानार्थक
Q74. “सुनि जननी! सोह सुत बड़भागी, जो पितु-मात-वचन-अनुरागी। तनय मात-पितु-तोषनहारा, दुरलभ जननि! सकल संसारा।।” प्रस्तुत पंक्तियों में कौनसा छन्द है?
A सोरठा
B द्रुतविलम्बित
C चौपाई
D दोहा
E अनुत्तरित प्रश्न
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Correct answer: चौपाई
Q75. डॉ. ग्रियर्सन के अनुसार, राजस्थानी की बोलियों में सम्मिलित नहीं है —
A ढूँढाड़ी
B भीली
C अहीरवाटी
D नीमाड़ी
E अनुत्तरित प्रश्न
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Correct answer: भीली
Q76. अज्ञेय रचित 'रोज' कहानी के संबंध में असंगत है - ।
A कहानी की शैली आत्मकथात्मक है।
B मालती के अतीत के उल्लासमय जीवन्त परिवेश का चित्रण है।
C कहानी की. संरचना वर्णनात्मक है व चित्रात्मकता, संवादात्मकता और काव्यात्मकता का अभाव है।
D वैवाहिक जीवन की एकरसता का चित्रण है।
E अनुत्तरित प्रश्न
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Correct answer: कहानी की. संरचना वर्णनात्मक है व चित्रात्मकता, संवादात्मकता और काव्यात्मकता का अभाव है।
Q77. “अजौ तरयौना हीं रह्मौ श्रुति सेवत इक-रंग । नाक - बास बेसरि लह्यौ बसि मुकुतनु के संग।।” प्रस्तुत दोहे की व्याख्या के संबंध में असंगत विकल्प है
A तरयौना ८ नासिका - भूषण विशेष
B सतूसंगति की महिमा का वर्णन
C श्लेष अलंकार
D बेसरि का लक्ष्यार्थ महाअधम प्राणी
E अनुत्तरित प्रश्न
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Correct answer: तरयौना ८ नासिका - भूषण विशेष
Q78. निम्न में से गलत कथन है —
A ओ, औ कण्ठतालव्य स्वर हैं।
B इ, ई तालव्य स्वर हैं।
C “ऋ मूर्धन्य स्वर है।
D सभी स्वर सघोष हैं। ।
E अनुत्तरित प्रश्न
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Correct answer: ओ, औ कण्ठतालव्य स्वर हैं।
Q79. “करके मीन-मेख सब ओर, किया करें बुध वाद कठोर, शाखामयी बुद्धि तजकर वे मूल-धर्म धरते हैं। हम राज्य लिए मरते हैं।” ‘साकेत’ की उपर्युक्त पंक्तियों में ‘वे’ से संकेतित है —
A राजा
B विद्वान
C किसान
D सैनिक
E अनुत्तरित प्रश्न
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Correct answer: किसान
Q80. (वाक्यांश के लिए एक शब्द' की दृष्टि से कौनसा विकल्प गलत है?
A जहाँ पहुँचना कठिन हो - दुर्गम
B किए गए उपकार को मानने वाला - कृतज्ञ
C जिसे करना कठिन हो - दुर्बोध
D जहाँ पहुँचा न जा सके - अगम्य
E अनुत्तरित प्रश्न
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Correct answer: जिसे करना कठिन हो - दुर्बोध
Q81. आचार्य रामचन्द्र शुक्ल का बिहारी विषयक मत नहीं है —
A बिहारी के दोहों में मुक्तक कविता का सौन्दर्य अपने चरम उत्कर्ष को पहुँचा है।
B बिहारी की रसव्यंजना का पूर्णवैभव उनके अनुभावों के विधान में दिखाई पड़ता है।
C बिहारी में भावों का बहुत उत्कृष्ट और उदात्त स्वरूप मिलता है।
D बिहारी की वाक्यरचना व्यवस्थित है और शब्दों के रूप का व्यवहार एक निश्चित प्रणाली पर है।
E अनुत्तरित प्रश्न
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Correct answer: बिहारी में भावों का बहुत उत्कृष्ट और उदात्त स्वरूप मिलता है।
Q82. किस विकल्प के सभी विद्वान 'पृथ्वीराज रासो' को सर्वथा अप्रामाणिक रचना मानते हैं?
A डॉ. बूलर, गौरीशंकर हीराचंद ओझा, मुंशी देवीप्रसाद क्
B मोहनलाल विष्णुलाल पंड्या, बाबू श्यामसुंदर दास, डॉ. बूलर ल्
C मॉरिसन, डॉ. बूलर, बाबू श्यामसुंदर दास
D गौरीशंकर हीराचंद ओझा, मुंशी देवीप्रसाद, मोहनलाल-विष्णुलाल पंड्या ः
E अनुत्तरित प्रश्न
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Correct answer: डॉ. बूलर, गौरीशंकर हीराचंद ओझा, मुंशी देवीप्रसाद क्
Q84. तद्भव शब्द है —
A पद्य
B प्रदक
C पथिक
D पंथी
E अनुत्तरित प्रश्न
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Correct answer: पंथी
Q85. किस विकल्प में स्त्रीलिंग शब्द नहीं है?
A दमन, आज्ञा
B कृत्य, क्षण
C प्रहार, प्रार्थना
D चंद्र, घोषणा
E अनुत्तरित प्रश्न
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Correct answer: कृत्य, क्षण
Q86. कृदन्त का उदाहरण है —
A हर्षित
B स्वप्न
C जटिल
D सर्वथा
E अनुत्तरित प्रश्न
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Correct answer: स्वप्न
Q87. हिन्दी-साहित्य के इतिहास-ग्रंथ एवं उनके लेखक की दृष्टि से असंगत विकल्प है —
A हिन्दी साहित्य की भूमिका — आ. हजारी प्रसाद द्विवेदी
B हिन्दी साहित्य का आदिकाल — आ. रामचन्द्र शुक्ल
C हिन्दी साहित्य का आलोचनात्मक इतिहास — डॉ. रामकुमार वर्मा
D हिन्दी साहित्य का अतीत — आ. विश्वनाथ प्रसाद मिश्र
E अनुत्तरित प्रश्न
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Correct answer: हिन्दी साहित्य का आदिकाल — आ. रामचन्द्र शुक्ल