Q57.Ln³⁺ आयनों के पृथक्करण के लिए आयन-विनिमय वर्णलेखन विधि प्रयुक्त होती है। इस विधि के बारे में सही कथन है/हैं — (a) जलयोजित Ln³⁺ आयनों की त्रिज्या परमाणु क्रमांक बढ़ने के साथ बढ़ती है। (b) HCl को एलुएन्ट के रूप में लेने पर भारी तत्व पहले तथा हल्के तत्व बाद में निकलते हैं। (c) बेहतर पृथक्करण के लिए HCl के स्थान पर साइट्रेट विलयन प्रयुक्त किया जाता है।
Correct answer: (a), (b) तथा (c) सभी