Concept note भारतीय संविधान का मुख्य स्रोत 1935 का अधिनियम है। इस अधिनियम के तहत भारत में सर्वप्रथम संघीय शासन प्रणाली की नींव रखी गई। संघ की दो इकाईयाँ थी - ब्रिटिश भारतीय प्रांत तथा देशी रियासतें। संघीय व्यवस्था कभी अस्तित्व में नहीं आई क्योंकि देशी रियासतों ने इसमें शामिल होने से मना कर दिया। अवशिष्ट शक्तियाँ वायसराय को दे दी गई। इस अधिनियम के तहत केन्द्र और राज्यों के बीच शक्तियों का बंटवारा किया गया।
Concept note 1935 के भारत शासन अधिनियम के द्वारा केन्द्र में द्वैध शासन की स्थापना की गयी। प्रांतों में द्वैध शासन की व्यवस्था 1919 के अधिनियम द्वारा की गयी थी। 1935 के अधिनियम द्वारा प्रांतों में द्वैध शासन को समाप्त कर दिया गया।
Concept note 26 नवम्बर, 1949 को ही संविधान अंतिम रूप से पारित हुआ तथा इसी दिन संविधान सभा ने भारत के संविधान को अंगीकार कर दिया। नागरिकता, निर्वाचन और अंतरिम संसद से संबंधित उपबंधों को तथा अस्थायी एवं संक्रमण उपबंधों को 26 नवम्बर, 1949 से ही तुरंत प्रभावी किया गया। अत: 26 नवम्बर को भारतीय संविधान को अपनाने के उपलक्ष्य में प्रत्येक वर्ष ‘संविधान दिवस’ के रूप में मनाते हैं।
Concept note संविधान की मूल कॉपी को प्रेम बिहारी नारायण रायजादा द्वारा हाथों से अंग्रेजी और हिन्दी दोनों भाषाओं में लिखा गया। भीम राव अम्बेडकर भारतीय संविधान के मुख्य वास्तुकार/शिल्पी थे।
Concept note संविधान सभा भारतीय संविधान के निर्माण के लिए बनाई गई थी। कैबिनेट मिशन की सिफारिशों के आधार पर जुलाई, 1946 में संविधान सभा का गठन किया गया था। प्रमुख नेता के रूप में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को 11 दिसंबर 1946 को संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष के रूप में चुना गया।
Concept note भारतीय संविधान सभा का निर्माण ‘भारत के संविधान’ की रचना के लिए किया गया था। संविधान सभा की कार्यवाही 13 दिसम्बर 1946 को जवाहर लाल नेहरू द्वारा पेश किए गए उद्देश्य प्रस्ताव के साथ प्रारंभ हुई थी। प्रमुख घटनाक्रम- • 26 नवंबर 1949–संविधान सभा ने भारतीय संविधान को स्वीकार किया और उसके कुछ धाराओं को लागू किया था। • 24 जनवरी 1950- संविधान सभा के सदस्यों ने संविधान पर हस्ताक्षर किया। • 26 जनवरी 1950 – सम्पूर्ण भारतीय संविधान लागू हुआ।
Concept note रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा मूल रूप से बांग्ला भाषा में रचित और संगीतबद्ध जन-गण-मन के हिन्दी संस्करण को संविधान सभा ने भारत के राष्ट्रगान के रूप में 24 जनवरी 1950 को अपनाया। राष्ट्रगान के गायन की अवधि 52 सेकेण्ड है।
Concept note संविधान सभा के लगभग 300 सदस्यों ने संविधान के निर्माण के लिए कुल 2 वर्ष, 11 माह और 18 दिन (लगभग 3 वर्ष) का समय लिया था तथा संविधान के प्रारूप पर कुल 114 दिन बहस हुई थी। संविधान निर्माण कार्य में कुल मिलाकर 63,96,729 रूपये व्यय हुए।
Concept note दिसम्बर 1947 तक प्राप्त जानकारी के अनुसार भारत का संविधान लिखने वाली संविधान सभा में बँटवारे के बाद 389 सदस्यों में 299 सदस्य ही रह गए थे।
Concept note संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसम्बर, 1946 ई. को नई दिल्ली के संसद हॉल, जिसे अब संसद भवन के केन्द्रीय कक्ष के नाम से जाना जाता है, में हुई। 26 नवम्बर, 1949 को भारत का संविधान अंगीकृत किया गया तथा 24 जनवरी, 1950 को माननीय सदस्यों ने उस पर अपने हस्ताक्षर किये। 26 जनवरी, 1950 को भारत का संविधान पूर्णत: लागू हो गया। उस दिन संविधान सभा का अस्तित्व समाप्त हो गया और इसका रूपान्तरण 1952 ई. में नई संसद के गठन तक अस्थाई संसद के रूप में हो गया।
Concept note 29 अगस्त, 1947 ई. को डा. बी. आर. अम्बेडकर की अध्यक्षता में एक प्रारूप समिति (Drafting committee) का गठन किया गया। इस समिति में अध्यक्ष को छोड़कर सदस्यों की कुल संख्या 6 थी। जो इस प्रकार है– (1) एन. गोपालस्वामी आयंगर (2) अल्लादी कृष्णस्वामी अय्यर (3) कन्हैयालाल मणिकलाल मुंशी (4) सैय्यद मोहम्मद सादुल्ला (5) एन. माधव राव (बी.एल. मित्र के स्थान पर) (6) टी.टी. कृष्णामाचारी (वर्ष 1948 में इनकी मृत्यु के बाद डी.पी. खेतान को सदस्य बनाया गया।)
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