Concept note हरेली छत्तीसगढ़ के फसलों का त्योहार है। यह खेतिहर समाज का पर्व है। हरेली पर किसान नांगर, गैंती, कुदाली, फावड़ा समेत कृषि के काम आने वाली सभी तरह के औजारों की साफ- सफाई कर एक स्थान पर रखते है तथा पूजा-अर्चना करते हैं। इस अवसर पर सभी घरों में गुड़ का चीला बनाया जाता है।
Concept note गोवा में सेंट फ्रांसिस जेवियर का पर्व प्रति वर्ष 21 नवम्बर को शुरू होता है तथा 2 जनवरी को समाप्त होता है। गोवा में सेंट फ्रांसिस जेवियर को गोएंचो साईब कहा जाता है, जिसका अर्थ ‘गोवा का भगवान’ होता है।
Concept note हेमिस या हेमिस त्सू धार्मिक उत्सव लद्दाख के सबसे बड़े और सबसे प्रसिद्ध धार्मिक त्योहारों में से एक है, यह दो दिन तक चलने वाला उत्सव है। यह उत्सव तिब्बती बौद्ध धर्म के संस्थापक पद्मसंभव के जन्म के अवसर पर मनाया जाता है। इस उत्सव के दौरान लामा पवित्र नकाबपोश नृत्य करते हैं। इस त्योहार के लिए मुख्य स्थान और मंच लद्दाख में सबसे बड़ा बौद्ध मठ हेमिस गोम्पा का आँगन है।
Concept note गुग्गा नवमी सर्प पूजा उत्सव हरियाणा राज्य का प्रमुख धार्मिक उत्सव है। विक्रम संवत के माह भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की नवमी को गुग्गा नवमी मनायी जाती है।
Concept note ‘‘गंगा सागर मेला’’ पं. बंगाल में आयोजित होता है। गंगा सागर तीर्थ मेला मकर संक्रांति के अवसर पर लगता है। यह मेला पाँच दिन लगता है तथा स्नान मुहूर्त तीन दिनों का होता है। यहाँ एक मन्दिर भी है जो कपिल मुनि के प्राचीन स्थल पर बना है ये लोग कपिल मुनि के मन्दिर में पूजा अर्चना भी करते हैं।
Concept note साल्जबर्ग महोत्सव 1920 में स्थापित संगीत तथा नाटक का प्रमुख त्योहार है। यह महोत्सव आस्ट्रियाई शहर साल्जबर्ग में, मोजार्ट के जन्म स्थान पर मनाया जाता है। यह महोत्सव हर गर्मी में जुलाई के अंत से शुरू होने वाले 5 हफ्तों के लिए आयोजित किया जाता है। इसका प्रमुख आकर्षण ह्यूगोवान होफमन्स्टल द्वारा लिखा जेडमर्न (एवरीमैन) नाटक का वार्षिक प्रदर्शन है।
Concept note फ्लेमिंगो त्योहार आंध्रप्रदेश सरकार द्वारा मनाया जाता है, यह त्योहार पिछले 10 सालों से 9-10 जनवरी को मनाया जाता है। इस त्योहार में पक्षियों की खत्म होती प्रजातियों को दिखाया जाता है और उनके बारे में जानकारी भी दी जाती है। ध्यातव्य है कि फ्लेमिंगो का त्योहार महाराष्ट्र सरकार द्वारा भी मनाया जाता है। लेकिन आयोग ने इसका उत्तर (c) आंध्रप्रदेश माना है। गौरतलब है कि फ्लेमिंगों पक्षियों की एक प्रजाति है यह प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में मुंबई एवं उसके आस-पास के क्षेत्रों में आते है। स्थानीय निवासियों के लिए प्लेमिंगों का सीजन एक त्योहार सरीखा बन चुका है।
Concept note मी-दम-मी-फी त्योहार असम के लोगों द्वारा हर साल 31 जनवरी को मनाया जाता है। इसे अहोम समुदाय के लोग मनाते हैं। यह असम का सबसे महत्त्वपूर्ण पूर्वज पूजा त्योहार है। जिसे दिवंगत पूर्वजों के प्रति सम्मान दिखाने और समाज में उनके योगदान को याद करने के लिए मनाया जाता है।
Concept note ‘मड़ई त्योहार’ छत्तीसगढ़ राज्य में प्रत्येक वर्ष फरवरी माह के तीसरे एवं चौथे सप्ताह में मनाया जाता है। इस महोत्सव को छत्तीसगढ़ के ‘बस्तर एवं मण्डला’ जिलें में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। मड़ई त्योहार गोंड जनजातियों के द्वारा मनाया जाने वाला पर्व है जिसमें स्थानीय देवता की पूजा की जाती है।
Concept note ‘जानकू’ जीवन के उत्सव के रूप में मनायी जाने वाली नेपाल की अनूठी सांस्कृतिक प्रथा है। इसे न्यारी समुदाय के लोगों द्वारा किसी स्त्री/पुरुष के 77 साल या उससे अधिक की आयु/प्राप्त करने पर सम्बन्धित स्त्री/पुरुष को विशेष सम्मान देकर मनाया जाता है। जो स्त्री/पुरुष 77 की आयु प्राप्त कर लेते हैं उन्हे जानकू (देवी/देवता) की संज्ञा दी जाती है। आधुनिक चिकित्सा प्रणाली के आविष्कार से पहले लोगों की औसत आयु 60-65 वर्ष थी। 77 की आयु तक पहुंचना एक नये जीवन की तरह था। इस कारण से उनकी रक्षा तथा सम्मान के लिये यह प्रथा शुरू की गयी।
Concept note उत्तर भारत के चार धामों का क्रम इस प्रकार है, बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री तथा यमुनोत्री। इनमें से बद्रीनाथ भारत में आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित भारत के चार धामों में से एक प्रमुख धाम है, जो सबसे उत्तर में स्थित धाम है। धातव्य है कि इन चारों स्थलों की अपनी-अपनी प्रमुख विशेषताएँ हैं। चार धाम भारत के चार धार्मिक स्थलों का एक समूह है। ये धाम हैं पुरी, रामेश्वरम, द्वारका तथा बद्रीनाथ। इन चार धामों को 8वीं सदी में आदि शंकराचार्य ने स्थापित किया था तथा वैष्णों देवी को इसमें शामिल नहीं किया गया है।
Concept note सरहुल झारखंड का प्रमुख पर्व है। यह आदिवासियों का भव्य उत्सव है। यह उत्सव चैत्र शुक्ल तृतीया को मनाया जाता है। आदिवासियों में ऐसी मान्यता है कि इस पर्व के बाद से ही नई फसलों का उपयोग शुरू होता है। यह त्योहार नये साल के प्रारम्भ का सूचक है।
Concept note भारत के कर्नाटक राज्य में एक स्वदेशी समुदाय द्वारा ‘कैलपौध’ का उत्सव मनाया जाता है। जब धान का मौसम कृषि कार्यों के समय करीब आता है तब कैलपौध के त्योहार का समय होता है।
Concept note बतुकम्मा पर्व तेलंगाना राज्य में महिलाओं द्वारा मनाया जाने वाला एक क्षेत्रीय पर्व है। यह पर्व शालिवाहन संवत की अमावस्या तिथि से शुरू होकर नौ दिनों तक मनाया जाता है। इस दिन फूलों की सात परतों से गोपुरम (शिखर) मंदिर की आकृति बनाई जाती है जिसे बतुकम्मा कहते है। बतुकम्मा को महागौरी के रूप में पूजा जाता है। बोनालु तेलंगाना राज्य में ही मनाया जाने वाला एक वार्षिक हिन्दू त्योहार है, जिसमें देवी महाकाली की पूजा की जाती है।
Concept note प्रत्येक वर्ष असम की राजधानी गुवाहटी के कामाख्या देवी मंदिर में 22 से 26 जून तक पाँच दिवसीय अंबूवाची मेला का आयोजन किया जाता है। कामाख्या देवी मंदिर देश के 52 शक्तिपीठों में से एक है।
Concept note सेक्रेन्यी त्योहार अंगामी जनजाति द्वारा मनाया जाने वाला त्योहार है। इसे फरवरी महीने में मनाया जाता है। यह 10 दिनों तक का लंबा त्योहार है और नागालैण्ड के लोकप्रिय त्योहारों में से एक है। यह त्योहार युवाओं में वयस्कता की दीक्षा भी देता है।
Concept note बालीयात्रा विशेष रूप से ओडिशा में मनाया जाने वाला एक प्रमुख उत्सव है। यह उत्सव कटक नगर में महानदी के किनारे गडगडिया घाट पर मनाया जाता है। यह त्योहार कार्तिक पूर्णिमा में शुरू होता है। बालीयात्रा का शाब्दिक अर्थ है बाली की यात्रा। इन यात्राओं का उद्देश्य व्यापार तथा सांस्कृतिक प्रसार होता है।
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