बजट रेखा उस ग्राफ को कहते हैं जो दो वस्तुओं के उन सभी संयोजनों को दर्शाता है जिसे एक उपभोक्ता किसी बाजार मूल्य पर और आर्थिक दृष्टि से आय के विशेष आय स्तर के भीतर खर्च कर सकते हैं।
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बजट रेखा उस ग्राफ को कहते हैं जो दो वस्तुओं के उन सभी संयोजनों को दर्शाता है जिसे एक उपभोक्ता किसी बाजार मूल्य पर और आर्थिक दृष्टि से आय के विशेष आय स्तर के भीतर खर्च कर सकते हैं।
Q42.सामान्य वस्तुओं के संदर्भ में आय और मांग के बीच किस तरह का संबंध होता है?
सामान्य वस्तुओं के संदर्भ में आय और मांग के बीच प्रत्यक्ष संबंध होता है। एक निश्चित मूल्य पर समय की निश्चित इकाई के भीतर क्रय की जाने वाली वस्तु का परिमाण माँग कहलाता है।
बजट रेखा दो वस्तुओं के सभी संभावित संयोजनों का एक ग्राफिकल प्रतिनिधित्व है। जिन्हें दी गई आय और कीमतों से खरीदा जा सकता है। जैसे कि इन संयोजनो में से प्रत्येक की लागत उपभोक्ता की आमदनी के बराबर है। वैकल्पिक रूप से बजट रेखा उपभोक्ता द्वारा खपत की जाने वाली दो वस्तुओं के विभिन्न संयोजनों का स्थान है। जो बताती है कि उनकी लागत कितनी है। दिये गये रेखा चित्र में A-B रेखा बजट लाइन को बताती है। जो E और व् के बीच कई संयोजन को दर्शाती है।
विभिन्न कम्पनियाँ अपने उत्पादित माल की बिक्री के लिए मार्केटिंग का सहारा लेती है। इनमें अपने उत्पादों का विज्ञापन करना एक महत्वपूर्ण उपाय होता है। विज्ञापनों द्वारा कम्पनियाँ एक समान उत्पादों के बीच अंतर करती है तथा उपभोक्ता को विश्वास दिलाती है कि उनके द्वारा उत्पादि वस्तु कैसे बाजार में उपलब्ध अन्य उसी प्रकार की वस्तुओं से बेहतर है।
Q45.मांग में कमी और आपूर्ति में वृद्धि का संतुलन कीमत पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
माँग में कमी और आपूर्ति में वृद्धि के प्रभाव में उत्पादों का संतुलन मूल्य घट जाएगा। माँग किसी नियत समय काल में किसी उत्पाद की वह मात्रा है, जिसे नियत दाम पर उपभोक्ता खरीदना चाहता है अथवा खरीदने में सक्षम है। आपूर्ति उत्पाद की वह मात्रा है जिसे नियत समय में दिये गए दाम पर उत्पादक या विक्रेता बाजार में बेंचने के लिए तैयार है।
Q46.किसी वस्तु या सेवा की माँग जो किसी अन्य चीज की माँग का परिणाम है, उसे क्या कहा जाता है?
जब किसी एक वस्तु की मांग से दूसरी वस्तु की सेवा की मांग उत्पन्न होती है तो वह मांग व्युत्पन्न मांग कहलाती है जैसे- श्रम की सहायता से अन्य वस्तुओं का उत्पादन किया जाता है। जैसे- मोबाइल की बैटरी, लीथियम आयन बैटरी।
Q47.टमाटर की कीमत में वृद्धि की वजह से क्या होगा?
पूर्ति के नियम के अनुसार किसी वस्तु की कीमत और पूर्ति में सीधा सम्बंध पाया जाता है। अत: दिये गये प्रश्न अनुसार टमाटर की कीमत में वृद्धि होने से टमाटरों की आपूर्ति बढ़ेगी।
Q48.आर्थिक शब्दावली में, निम्न में से कौन-सा कारक उत्पाद/वस्तु की ‘व्यक्तिगत मांग’ का निर्धारण करता है?
वस्तु की कीमत, उपभोक्ता की आय, उपभोक्ता की रुचि और पसंद ये तीनों कारक वस्तु की व्यक्तिगत मांग का निर्धारण करते है।
Q49.निम्नलिखित में से कौन-सी वस्तु की माँग लगभग पूर्णत: बेलोचदार होगी?
आवश्यक वस्तुओं की स्थिति में मांग की लोच पूर्णत: बेलोचदार होती है। इन वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि का इनकी माँग पर असर लगभग नगण्य होता है। जैसे- आधारभूत खाद्यान्न, जीवनदायी दवायें आदि।
Q50.वह माल जिसकी मांग उसकी मूल्य के आनुपातिक होती है, उसे कहा जाता है
विलासिता वस्तुएँ अपनी मांग और मूल्य के अनुपातिक होती हैं। साधारणत: वेब्लेन वस्तुएँ वे वस्तुएँ हैं जो विलासिता से सम्बन्धित होती है तथा मांग और पूर्ति के सामान्य नियमों का पालन नहीं करती। साधारणत: जिस वस्तु का मूल्य बढ़ जाता है, उसके मांग में कमी का अनुभव होता है। परन्तु विलासिता वस्तुएं मँहगी होने के बावजूद मांग वृद्धि हो दर्शाती है। जैसे-कार, घड़ी, महँगी शराब आदि विलासिता वस्तुओ की श्रेणी में आती है।
Q51.इनमें से कौन एक वस्तु की मांग में वृद्धि का कारण होगा?
एक वस्तु के मूल्य में कमी दूसरी वस्तु की मांग में कमी ला दे तो ऐसी वस्तुएं परस्पर स्थानापन्न कहलायेंगी। ऐसी वस्तुओं के रूप में चाय तथा काफी को उदाहरण स्वरूप रखा जा सकता है। यदि चाय का मूल्य बढ़ जाये तो अन्य बातें समान रहने पर लोग चाय के स्थान पर काफी पीने लगेंगे।
किसी वस्तु की कीमत बढ़ जाने पर उसकी मांग में कमी हो जाती है, यह अर्थशास्त्र का माँग और आपूर्ति का मूलभूत नियम है। इसकी सहायता से पूर्णत: प्रतिस्पर्धी बाजार में बेचे गये वस्तुओं कीमत और मात्रा की विवेचना, व्याख्या और पुर्वानुमान लगाया जाता है। माँग किसी नियत समयकाल में किसी उत्पाद की वह मात्रा है, जिसे नियत दाम पर उपभोक्ता खरीदना चाहता है और खरीदने में सक्षम है। आपूर्ति वस्तु की वह मात्रा है जिसे नियत समय में दिये गये कीमत पर उत्पादक या विक्रेता बाजार में बेचने के लिए तैयार है।
Q53.जब बढ़ती हुई आय के साथ-साथ किसी वस्तु की मांग बढ़ती है तो ऐसी वस्तु को क्या कहते हैं?
उत्कृष्ट वस्तुएं उन वस्तुओं को कहा जाता है जिनकी मांग आय बढ़ने के साथ-साथ बढ़ती जाती है। उत्कृष्ट वस्तुओं की मांग एवं बढ़ती हुई आय के साथ समानुपाती संबंध होता है अर्थात जब व्यक्ति की आय बढ़ेगी तब व्यक्ति उत्कृष्ट वस्तुओं की मांग करता है। उत्कृष्ट वस्तुएं, निकृष्ट वस्तुओं के विपरीत व्यवहार करती है। निकृष्ट वस्तुओं एवं बढ़ती आय के साथ विलोमानुपाती संबंध होता है।
Q54.किसी वस्तु की माँग एक प्रत्यक्ष माँग है, किंतु उत्पादन के घटक की माँग क्या कहलाती है?
अर्थशास्त्र में माँग का सिद्धांत एक महत्वपूर्ण सिद्धांत है। किसी अर्थव्यवस्था में किसी वस्तु की माँग बढ़ती है तो उसे प्रत्यक्ष माँग कहा जाता है। बढ़ती माँग वाली वस्तु के उत्पादन के लिए अन्य वस्तुओं या कच्चे माल या अन्य सहायकों की भी माँग बढ़ जाती है। इन मध्यवर्ती वस्तुओं अथवा सहायकों की माँग को व्युत्पन्न माँग कहा जाता है। इसे उदाहरण के द्वारा समझा जा सकता है। जैसे जब आटे की माँग बढ़ती है तो आटे की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए गेंहू, परिवहन साधन, चक्की में काम करने वाले श्रमिक आदि की भी माँग बढ़ने लगती है। इन मध्यवर्ती या सहायकों की माँग को व्युत्पन्न माँग कहा जाता है।
Q55.निम्न में से कौन-सा कॉफी के लिए मांग में वृद्धि होने का कारण होगा?
उपयोगिता का स्तर लगभग बराबर होने के कारण इन वस्तुओं का प्रयोग एक-दूसरे के स्थान पर किया जा सकता है। ये स्थानापन्न वस्तुएं कहलाती हैं। इसलिए कॉफी की माँग में वृद्धि होने पर चाय की कीमत में वृद्धि होती है। क्योंकि ये एक-दूसरे की स्थानापन्न वस्तुएँ हैं।
Q56.मांग वक्र, जो एक पूरी तरह से प्रतिस्पर्धी फर्म का सामना कर रहा है, वह है
माँग के नियम के अनुसार अन्य बातों के समान होने के नाते अगर एक वस्तु की कीमत गिर जाती है तो मात्रा की माँग में वृद्धि होगी। अत: जब माँग वक्र जो पूरी तरह से प्रतिस्पर्धी फर्म का सामना कर रहा है। पूरी तरह से लोचदार होगा।
Q57.यदि A और ँ वस्तुएँ स्थानापन्न की जाती हैं, तो वस्तु ँ की कीमत में होने वाली कमी क्या होगी?
स्थानापन्न वे वस्तुएँ हैं, जो एक-दूसरे के बदले एक उद्देश्य के लिए प्रयोग की जाती हैं। जैसे– पेप्सी और कोका-कोला स्थानापन्न वस्तुओं में से एक वस्तु की मांग तथा दूसरी वस्तु की कीमत में धनात्मक सम्बन्ध होता है। अर्थात् एक वस्तु की कीमत कम होने पर उसके स्थानापन्न वस्तु की मांग में कमी होगी। अत: विकल्प (d) सही है।
Q58.निम्नलिखित में से कौन-सी आर्थिक गतिविधि भारत में अधिकतम लोगों को रोजगार देती है?
भारत में सर्वाधिक व्यक्तियों की आय का प्रमुख स्रोत कृषि पर आधारित है। भारत की कुल कामकाजी आबादी के 40% (सर्वाधिक) कामगारों को रोजगार कृषि से मिलती है।
Q59.उत्पादन के साधनों का निजी स्वामित्व, –––––––– अर्थव्यवस्था की एक विशेषता है।
पूंजीवाद का उदय यूरोप से हुआ और यह 18वीं शताब्दी में औद्योगिक क्रान्ति के समय मुख्य रूप से सामने आया। स्कॉटिश विचारक एडम स्मिथ पूंजीवादी अर्थव्यवस्था के सिद्धांतों को विकसित करने वाले पहले व्यक्ति थे। उनका मानना था कि लोगों को अपनी सम्पत्ति का निर्माण स्वतंत्र रूप से करना चाहिए। पूँजीवादी अर्थव्यवस्था में उत्पादन या निर्माण के साधन मुख्य रूप से निजी स्वामित्व में होते है, जिसका मुख्य उद्देश्य लाभ कमाना होता है जबकि समाजवाद एक ऐसी अर्थव्यवस्था होती है, जिसमें उत्पादन के साधन राज्य या जनता के पास अधिक समतावादी तरीके से होते हैं।
Q60.आर्थिक गतिविधियों के आधार पर, भारतीय अर्थव्यवस्था में कितने क्षेत्र हैं?
भारतीय अर्थव्यवस्था को तीन क्षेत्रों में बाँटा जाता है। (1) प्राथमिक क्षेत्र (कृषि, खनन आदि) (2) द्वितीयक क्षेत्र (लोहा इस्पात उद्योग, ऑटोमोबाइल) (3) तृतीयक क्षेत्र (वित्तीय सेवायें, प्रबन्ध, सूचना प्रौद्योगिकी) आदि