प्रैंâन्सियम एक अति रेडियो सक्रिय क्षार धातु तत्व है। 223 इr की अर्धआयु 21 मिनट होती है। 87
Find the exact question you need.
Search questions, answers, explanations, exams, categories, and subcategories across every available language.
प्रैंâन्सियम एक अति रेडियो सक्रिय क्षार धातु तत्व है। 223 इr की अर्धआयु 21 मिनट होती है। 87
Q62.बैकुरल.......... के मापन की इकाई है।
राशि मात्रक रेडियोधर्मिता बेकुरल प्रतिरोध ओम वेग किमी/घंटा या मी./से. चालकता सिमेन्स प्रति मी.
Q63.कैथोड किरणें ––––– की एक किरण है।
कैथोड किरणें इलेक्ट्रॉनों की एक धारा होती है जो विसर्जन नलिका में कैथोड इलेक्ट्रोड से एनोड इलेक्ट्रेड की ओर गति करती है अत: कैथोड किरणें अत्यधिक गतिशील ऋणात्मक कणों का समूह होती है और ये ऋणात्मक कण इलेक्ट्रॉन होते है।
Q64.निम्न में से कौन अल्फा कण को निरूपित करता है? 1
रासायनिक बंधन
Q65.निम्नलिखित में से किसमें M3– आयन बनाने की अधिकतम प्रवृत्ति होती है?
समूह 15 के तत्वों र्, झ्, Aे, एं और ँग् का इलेक्ट्रानिक विन्यास हे2हज्3है। चूंकि नाइट्रोजन का आकार सबसे छोटा होता है और परिवार में सबसे बड़ी इलेक्ट्रोनिगेटिविटी होती है, इसलिए इसमें इलेक्ट्रॉनों को प्राप्त कर नाइट्राइड M3– आयन बनाते हुए नोबल गैस की विन्यास प्राप्त करने की प्रवृत्ति अधिक होती है अन्य सदस्य त्रि-ऋणात्मक M3– आयन बनाने की बहुत कम प्रवृत्ति दिखाते है। इनकी इलेक्ट्रोनिगेटिविटी इतनी कम है कि वे आमतौर पर अत्यधिक इलेक्ट्रोपॉजिटिव तत्वों के साथ भी सहसंयोजक यौगिक बनाते हैं।
Q66.CH OH में (O-H) बंध............. है। 3
CH OH में (O-H) बंध एक ध्रुवीय सहसंयोजी बंध 3 होता है। इसका कारण अणु की ज्यामितीय संरचना तथा CH के 3 कार्बन और OH के ऑक्सीजन परमाणुओं के बीच उच्च इलेक्ट्रोनिगेटिविटी है। इस प्रकार के ध्रुवीय सह संयोजी बंध का एक उदाहरण जल (प् ध्) भी है। 2
Q67.परमाणु बंध क्यों बनाते हैं?
स्थितिज ऊर्जा को कम करने एवं स्थायित्व की प्राप्ति के लिए परमाणु बंध बनाते हैं। दो परमाणु के बीच लगने वाला आकर्षण बल परमाणुओं को बंध बनाने के लिए प्रेरित करता है। अधिकतर परमाणुओं के बाह्यतम कक्ष में परमाणुओं की संख्या अपूर्ण ही रहती है जिससे उनकी स्थितिज ऊर्जा अधिक होती है। प्रकृति में ऐसा देखा गया है कि, अधिक स्थितिज ऊर्जा वाले तत्व कमजोर होते है। अत: अधिक स्थायित्व एवं शक्तिशाली होने के उद्देश्य से परमाणु बंध बनाने के लिए प्रेरित होते है।
अणु या परमाणु समूहों के बीच अवशिष्ट आकर्षक या प्रतिकारक बल जो कि एक सहसंयोजी आबंध या आयनिक बंध से नहीं पैदा होते हैं, उन्हें वान्डर वाल्स बंध कहा जाता है।
Q69............बंध पानी के अणु के भीतर परमाणुओं को बांधकर रखता है।
ध्रुवीय सहसंयोजक बंध पानी के अणु के भीतर परमाणुओं को बांधकर रखता है।
Q70.निम्नलिखित में से कौन-सी ऑक्सीकरण अभिक्रिया की एक विशेषता नहीं है?
जब किसी रासायनिक अभिक्रिया में किसी तत्व द्वारा ऑक्सीजन अथवा ऋण विद्युती तत्व को ग्रहण किया जाता है अथवा इलेक्ट्रॉनों का त्याग किया जाता है तो वह अभिक्रिया ऑक्सीकरण कहलाती है तथा जब किसी तत्व द्वारा हाइड्रोजन अथवा इलेक्ट्रॉनों को ग्रहण किया जाता है तो वह अभिक्रिया अपचयन की अभिक्रिया कहलाती है। अत: हाइड्रोजन का जुड़ना अपचयन की विशेषता है ना कि आक्सीकरण की।
Q71.सहसंयोजी आबंध को................. भी कहा जाता है।
जब दो सदृश या असदृश परमाणु अपनी बाह्यतम कक्षा के इलेक्ट्रॉनों का आपस में साझा करके संयोग करते हैं, तब उनके बीच स्थित बंध को सहसंयोजक बंध कहते हैं। सहसंयोजक बंध के बनने में दोनों परमाणु इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी इस प्रकार से करते हैं कि निर्मित अणु में प्रत्येक परमाणु एक अक्रिय गैस का स्थायी इलेक्ट्रॉनिक विन्यास प्राप्त कर लेता है। सहसंयोजक बंध तभी बनता है जब अभिकारी परमाणुओं को अक्रिय गैस की इलेक्ट्रॉनिक व्यवस्था प्राप्त करने के लिए इलेक्ट्रॉनों की आवश्यकता हो। सहसंयोजी आबंध को आणविक बंधन भी कहते हैं।
Q72.निम्नलिखित यौगिकों के बीच में से किसमें सबसे मजबूत हाइड्रोजन बंध है?
हाइड्रोजन फ्लोराइड (HF) एक डाईएटॉमिक अणु है जिसमें अन्य हैलाइडो की अपेक्षा हाइड्रोजन बंध सबसे मजबूत होता है क्योंकि इसमें हाइड्रोजन के साथ सबसे ज्यादा ऋणात्मक तत्व (F) जुड़ा होता है। यह रंगहीन गैस है। यह अन्य हाइड्रोजन हैलाइडों के विपरीत हवा से हल्की होती है। इसका उपयोग मुख्य रूप से औद्योगिक पेट्रो केमिकल, कपड़ा उद्योग तथा औषधि उद्योग में किया जाता है।
Q73.किसी परमाणु के उच्चतम ऊर्जा स्तर में स्थित इलेक्ट्रॉनों को........... कहा जाता है।
किसी भी परमाणु की बाह्यतम कक्षा या उच्चतम ऊर्जा स्तर में उपस्थित इलेक्ट्रॉन ‘संयोजी इलेक्ट्रॉन’ कहलाता है। संयोजी इलेक्ट्रॉन के महत्व- (i) रासायनिक अभिक्रिया में परमाणु के संयोजी इलेक्ट्रॉन ही भाग लेते है। (ग्ग्) किसी परमाणु के संयोजी इलेक्ट्रॉनो की संख्या द्वारा उस तत्व की संयोजकता निर्धारित होती है। (ग्ग्ग्) किसी तत्व के परमाणु में विद्यमान संयोजी इलेक्ट्रॉन की संख्या आवर्त सारणी में उस तत्व की वर्ग संख्या के बराबर होती है। (ग्न्) किसी तत्व की रासायनिक प्रकृति उसके परमाणु में विद्यमान संयोजी इलेक्ट्रॉन की संख्या पर निभर्र करती है।
Q74.सल्फर और क्लोरीन में किस प्रकार बंध हो सकता है?
जब दो परमाणुओं की विद्युत ऋणात्मकता के बीच अन्तर अधिक हो, तब उनके बीच का बन्धन ध्रुवीय सहसंयोजक होगा। जैसे–सल्फर और क्लोरीन का बंधन। 7. ऑक्सीकरण और अपचयन
Q75.जब लोहे में जंग लग जाता है तो उसका वजन.........
जब लोहे में जंग लग जाता है, तो उसका वजन बढ़ जाता है, क्योंकि आर्द्रता की उपस्थिति में लोहा ऑक्सीजन से रासायनिक अभिक्रिया करके लौह ऑक्साइड में परिवर्तित हो जाता है इस दौरान लौह के साथ ऑक्सीजन की मात्रा भी जुड़ जाती है इसीलिए लौह का भार बढ़ जाता है।
Q76.लोहे में जंग लगने के लिए किस अवस्था का होना आवश्यक है?
जब लोहे से बनी वस्तु नमी और हवा में आक्सीजन से प्रतिक्रिया करती है तो लोहे पर एक भूरे रंग की आयरन ऑक्साइड की परत जम जाती है। यह भूरे रंग की परत लोहे का ऑक्सीजन के साथ प्रतिक्रिया के कारण आयरन आक्साइड बनने से होती है, जिससे लोहे का क्षय होता है इसे ही लौह धातु का संक्षारण कहते है, या लोहे में जंग लगना कहते है।
लोहे को जंग लगने से बचाने के लिए उस पर जस्ते की परत चढ़ाने की प्रक्रिया को गैल्वनीकरण के रूप मे जाना जाता है?
Q78.एक ऐसी अभिक्रिया जिसमें एक साथ ऑक्सीकरण और अवकरण होता है, उसे क्या कहते हैं?
पदार्थों का एक साथ ऑक्सीकरण और अपचयन दोनों होता है। इसके अंतर्गत वे सब रासायनिक अभिक्रियाएँ सम्मिलित है जिनमें अभिकारकों के बीच इलेक्ट्रॉन का आदान-प्रदान दोनों होता है तथा परमाणुओं की ऑक्सीकरण अवस्था बदल जाती है।
Q79.आदर्श गैस अवस्था में पोटैशियम आयन का सूत्र क्या है?
आदर्श गैस अवस्था में पोटैशियम आयन का सूत्र ख्+ है। जब एक इलेक्ट्रॉन पोटैशियम (K) से बाहर आ जाता है तो उस पोटैशियम परमाणु पर धनात्मक आयन आ जाता है और इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास आर्गन (Ar) के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास के बराबर 18 हो जाता है। पोटैशियम चाँदी सी चमकीली, जल से हल्की, नितांत अभिक्रियाशील, मुलायम, ऊष्मा व विद्युत की सुचालक है। इसका गलनांक 62.5ड्ढण् तथा क्वथनांक 762ड्ढण् होता है। पोटैशियम मानव शरीर में मांस पेशियों के संकुचन में हृदय की धड़ कन को नियमित करने तथा रक्तचाप को नियंत्रित करने आदि में लाभकारी होता है।
Q80.निम्नलिखित में से कौन सा एक ऋण आयन होगा?
आयन (ग्दह) ऐसा परमाणु या अणु है जिसमे इलेक्ट्रॉनों और प्रोटॉनों की संख्या असमान होती है इस आयन में विद्युत आवेश (चार्ज) होता है। अगर इलेक्ट्रॉन की संख्या प्रोटॉन से अधिक हो तो आयन में ऋणात्मक आवेश होता है और उसे ऋणात्मक आयन भी कहते हैं। इसके विपरीत अगर इलेक्ट्रॉन की संख्या प्रोट्रॉन से कम हो तो आयन में धनात्मक आवेश होता है और उसे धनायन भी कहते हैं।