Concept note हाइड्रोजन एक रासायनिक तत्व है। यह आवर्त सारणी का सबसे पहला तत्व है, जो सबसे हल्की भी है। इसकी परमाणु संख्या 1, संकेत प् और परमाणु भार 1.008 है। यह आवर्त सारणी में प्रथम स्थान पर है।
Concept note तत्व परमाणु संख्या सल्फर (S) 16 क्लोरीन (ण्त्) 17 कैल्शियम 20 आर्गन (Ar) 18 पोटैशियम (K) 19 अत: स्पष्ट है कि कैल्शियम का परमाणु संख्या (20), पोटैशियम (K) (19) की तुलना में अधिक है।
Concept note दिये गये तत्वों (नियॉन, सिलिकॉन, पोटैशियम, सोडियम) में नियॉॅन तत्वों की आवर्त सारणी में प्रथम स्थान पर आता है। पहले आवर्त में 2 तत्व, हाइड्रोजन (H) और हीलियम (प) है। दूसरे और तीसरे आवर्त में 8-8 तत्व (दूसरे में लीथियम (थ्ग्) से नियॉन (र्ा) तक) तीसरे में से आर्गन (Ar) तक) है। इनको लघु आवर्त कहते है।
Concept note एस्टेटिन भू-परत में सबसे कम मात्रा में पाया जाने वाला तत्व है, अत: यह एक दुर्लभ तत्व है। यह आवर्त सारणी का एक रेडियो सक्रिय तत्व है जो अत्यन्त ही अस्थायी होता है। इसे 'Aू' से प्रदर्शित किया जाता है तथा इसकी परमाणु संख्या 85 है। यह ठोस अधातुओं में सबसे भारी तत्व है।
Concept note सेरियम लैथेनाइड श्रेणी का एक तत्व है। लैंथेनाइड श्रेणी के तत्व ऐसे तत्व होते हैं। जिनके इलेक्ट्रॉनिक विन्यास में अंतिम इलेक्ट्रॉन 4f कक्षक में प्रवेश करता है। इस श्रेणी के अन्तर्गत 15 तत्वों को रखा गया है। जैसे- सेरियम, नियोडाइमियम, प्रोमिथियम, समेरियम, यूरोपियम, टर्बियम, हॉलमियम, एरबियम, थुलियम आदि हैं। इन तत्वों का प्रयोग पराबैंगनी किरणों को अवशोषित करने वाले चश्मे बनाने में, रंगीन कॉच बनाने में होता है।
Concept note मेंडलीव अपनी आवर्त सारणी में हाइड्रोजन को सही स्थिति प्रदान नही कर सके। हाइड्रोजन अन्य सभी तत्वों से हल्का होता है। हाइड्रोजन की परमाणु संख्या 1 होती है तथा इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 1े1 होता है। हाइड्रोजन को भविष्य का ईंधन कहा जाता है। यह आवर्त सारणी का एकमात्र ऐसा तत्व है जिसके नाभिक में न्यूट्रॉन नहीं पाया जाता है। इसकी खोज 1766 ई. में हेनरी कैवेंडिस ने की थी। हाइड्रोजन का उपयोग ईंधन, वनस्पति घी के निर्माण, गैसोलिन के उत्पादन तथा राकेट ईंधन में प्रयुक्त किया जाता है।
Concept note न्यूलैण्ड के अष्टक के सिद्धान्त के अनुसार यदि रासायनिक तत्वों को उनके बढ़ते हुए परमाणु भार के अनुसार व्यवस्थित किया जाता है तो एकसमान भौतिक और रासायनिक गुणों वाले तत्व प्रत्येक 7 तत्वों के अंतराल पर आते हैं। अक्रिय गैसों को छोड़कर अन्य जितने भी तत्व हैं उनके परमाणु की बाह्यतम कक्षा अस्थायी होती है, क्योंकि उनमें 8 से कम इलेक्ट्रॉन होते हैं।
Concept note 17वें समूह के तत्वों को सामान्य रूप से हैलोजन के नाम से जाना जाता है इसके अन्तर्गत आने वाले तत्व फ्लोरीन, क्लोरीन, ब्रोमीन, आयोडीन एवं एस्टैटीन है। इस समूह में ऊपर से नीचे जाने पर तत्वों के परमाणु का आकार बढ़ता जाता है तथा विद्युत ऋणात्मकता कम होती जाती है। आवर्त सारणी में सबसे अधिक विद्युत ऋणात्मक तत्व फ्लोरीन है।
Concept note थैलियम (ऊग्204) आवर्त सारणी के 6वें आवर्त तथा 81 13वें समूह का ज्-ब्लॉक का तत्व है। इस तत्व की खोज एवं नाम करण अंग्रेज वैज्ञानिक विलियम क्रुक्स ने 1861 ई. में एक विशेष सेलैनियम युक्त पायराइट में वर्णक्रममापी उपकरण द्वारा की थी।
Concept note दिए गए विकल्पों में लेड (झ्ं) का परमाणु क्रमांक सबसे अधिक (82) है। यह स्थायी तत्व है क्योंकि इससे अधिक परमाणु क्रमांक (82 से अधिक) वाले सभी तत्व अस्थाई रेडियोधर्मी होते हैं। यह एक भारी धातु है। अन्य धातुओं के विपरीत यह ताप व विद्युत की कुचालक होती है। इसका उपयोग गोली (ँल्त्तू) निर्माण में, दियासलाई बनाने में, अपस्फोटन रोधी टेट्राएथिल लेड (TEL) बनाने में, शंट व फ्यूज तार, स्याही व पेन्ट बनाने में किया जाता है।
Correct answer: सबसे बाहरी इलेक्ट्रॉन नाभिक से बहुत दूर होते हैं।
Concept note आवर्त सारणी में किसी समूह में ऊपर से नीचे की तरफ बढ़ने पर तत्वों के बाहरी कक्षा में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान परन्तु कक्षाओं कि संख्या बढ़ ने के कारण बाहरी इलेक्ट्रानों की नाभिक से दूरी बढ़ती जाती है। फलस्वरूप बाहरी कक्षा में उपस्थित इलेक्ट्रानों द्वारा अनुभव किया जाने वाला प्रभावी नाभिकीय आवेश घट जाता है।
Concept note बोरॉन (B) की विद्युत ऋणात्मकता सबसे अधिक होगी। आवर्त में बायें से दायें जाने पर तत्वों की विद्युत ऋणात्मकता बढ़ती है जबकि परमाणु त्रिज्याए घटती है जबकि वर्ग में उपर से नीचे जाने पर विद्युत ऋणात्मकता घटती है। उपरोक्त बोरॉन (B) की विद्युत ऋणात्मकता ज्यादा होती है।
Concept note दीर्घकार आवर्त सारणी के वर्ग 13 या आधुनिक आवर्त सारणी के वर्ग (III A) में बोरान (ँ) एलुमीनियम (Aत्) गैलियम 5 13 इण्डियम (घ्) तत्व होते है। ये सभी तत्व बोरान परिवार के 31 49 तत्व है। वर्ग में ऊपर से नीचे आने पर परमाणु क्रमांक बढ़ने के कारण कोशों की संख्या बढ़ती है। कोशों की संख्या बढ़ने के कारण प्रभावी नाभिकीय आवेश घटता जाता है। इसी कारण (घ्) इण्डियम 49 का परमाणु त्रिज्या सबसे ज्यादा होता है।
Concept note आवर्त सारणी के समूह (वर्ग) 14 में कार्बन, सिलिकान जर्मेनियम, टिन तथा लेड आते है। इन्हे कार्बन परिवार के तत्व भी कहते है। इन तत्वों में कार्बन में सबसे अधिक विद्युत ऋणात्मकता होती है। क्योंकि किसी ग्रुप में ऊपर से नीचे जाने पर विद्युत धनात्मकता बढ़ती है तथा विद्युत ऋणात्मकता कम होती जाती है।
Concept note नाइट्रोजन का गलनांक बिन्दु (-346) डिग्री फारेनहाइट है तथा आयरन का 1538 0ण् है और आयोडीन का 113.7 0ण् है तथा लेड का 327.5 0ण् है। इन तत्वों में सबसे कम गलनांक नाइट्रोजन का है।
Concept note किसी तत्व के परमाणु की वह क्षमता जिससे वह साझेदारी की इलेक्ट्रॉन जोड़ी को अपनी ओर खींचता है, उसे उस तत्व की विद्युत ऋणात्मकता कहते है। फ्लोरीन की विद्युत ऋणात्मकता सबसे अधिक होती है। जबकि गैलियम, सोडियम, आर्सेनिक एवं सीजियम में सबसे अधिक विद्युत ऋणात्मकता आर्सेनिक की है।
We use essential cookies to keep the site secure and remember your choices. With your permission, analytics and advertising providers may use data for measurement, ad delivery, and ads personalization.
Essential storage is always active because it supports security, sessions, saved preferences, and core site features. The other choices are optional and can be changed later.
Essential
Required for security, forms, sessions, and remembering this consent choice.