Q.स्वर्ण जयन्ती ग्राम स्वरोजगार योजना पुर्नगठित होकर अब क्या हो गई है?
Correct answer: राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन
Explanation
गरीब परिवारो के लिए परिसम्पत्तियों के सृजन तथा स्वरोजगार हेतु ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 1980 में समेकित ग्रामीण विकास कार्यक्रम (आई आर डी पी) की शुरूआत की गई। वर्ष 1999 में आईआरडीपी को स्वर्णजयंती ग्राम स्वरोजगार योजना (एसजीएसवाई) के रूप में परिवर्तित किया गया। इस योजना का मुख्य लक्ष्य स्वयं सहायता समूहो (SHG) द्वारा गरीबों को संगठित करके स्वरोजगार उपलब्ध कराना था। स्वर्णजयंती ग्राम स्वरोजगार योजना को अधिक सुदृढ़ करने के लिए इसको राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के रूप में परिवर्तित किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धनता निवारण के लिए 3 जून 2011 को राजस्थान के बाँसवाड़ा जिले से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की शुरूआत की गई।
गरीब परिवारो के लिए परिसम्पत्तियों के सृजन तथा स्वरोजगार हेतु ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 1980 में समेकित ग्रामीण विकास कार्यक्रम (आई आर डी पी) की शुरूआत की गई। वर्ष 1999 में आईआरडीपी को स्वर्णजयंती ग्राम स्वरोजगार योजना (एसजीएसवाई) के रूप में परिवर्तित किया गया। इस योजना का मुख्य लक्ष्य स्वयं सहायता समूहो (SHG) द्वारा गरीबों को संगठित करके स्वरोजगार उपलब्ध कराना था। स्वर्णजयंती ग्राम स्वरोजगार योजना को अधिक सुदृढ़ करने के लिए इसको राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के रूप में परिवर्तित किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धनता निवारण के लिए 3 जून 2011 को राजस्थान के बाँसवाड़ा जिले से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की शुरूआत की गई।