Q.एसएलआर का निर्धारण भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा किया जाता है। एसएलआर का विस्तारित रूप क्या है?
Correct answer: स्टेच्यूटरीr लिक्विडिटी रेश्यो
Explanation
बैकों को अपनी मांग एवं सावधि जमाओं की कुछ प्रतिशत भाग नकद, स्वर्ण व मान्यता प्राप्त सरकारी प्रतिभूतियों के रूप में सदा अपने पास रखना आवश्यक होता है ताकि जमाकर्त्ताओं की धन निकासी की जरूरतों को पूरा किया जा सके। यह अनुपात सांविधिक तरलता अनुपात कहा जाता है। इस अनुपात में कमी किये जाने से बैंको को अपनी जमाओं का अपेक्षाकृत कम भाग अपने पास रखना अनिवार्य होगा। जिससे उधार देने के लिए अधिक राशि उसके पास उपलब्ध हो सकेगी, एसएलआर में वृद्धि से अर्थव्यवस्था में तरलता के प्रवाह में कमी आती है। रिजर्व बैक द्वारा इस दर को अधिकतम 40 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है। स्टेट्रस लीवरेज रिटर्न-वित्त में लीवरेज (कभी-कभी यूनाईटेड किंगडम और ऑस्टेलिया में कमर कसने की रूप में संदर्भित) किसी परिसम्पत्ति की खरीद में उधार लेने वाले फंडों के इस्तेमाल से जुड़ी तकनीक है।
बैकों को अपनी मांग एवं सावधि जमाओं की कुछ प्रतिशत भाग नकद, स्वर्ण व मान्यता प्राप्त सरकारी प्रतिभूतियों के रूप में सदा अपने पास रखना आवश्यक होता है ताकि जमाकर्त्ताओं की धन निकासी की जरूरतों को पूरा किया जा सके। यह अनुपात सांविधिक तरलता अनुपात कहा जाता है। इस अनुपात में कमी किये जाने से बैंको को अपनी जमाओं का अपेक्षाकृत कम भाग अपने पास रखना अनिवार्य होगा। जिससे उधार देने के लिए अधिक राशि उसके पास उपलब्ध हो सकेगी, एसएलआर में वृद्धि से अर्थव्यवस्था में तरलता के प्रवाह में कमी आती है। रिजर्व बैक द्वारा इस दर को अधिकतम 40 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है। स्टेट्रस लीवरेज रिटर्न-वित्त में लीवरेज (कभी-कभी यूनाईटेड किंगडम और ऑस्टेलिया में कमर कसने की रूप में संदर्भित) किसी परिसम्पत्ति की खरीद में उधार लेने वाले फंडों के इस्तेमाल से जुड़ी तकनीक है।