Q.उत्तर भारत में वह कौन-सा वन्यजीव अभ्यारण्य त्रि- राज्य संरक्षित क्षेत्र है, जो गंभीर रूप से विलुप्तप्राय घड़ीयाल, रेड-क्राउंड रूफ्ड टर्टल और विलुप्तप्राय गंगा नदी की डॉल्फिन के लिए भी प्रसिद्ध है?
Correct answer: राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण्य
Explanation
राष्ट्रीय चम्बल अभ्यारण्य को राष्ट्रीय चंबल घड़ी याल वन्यजीव अभ्यारण्य (National Chambal Gharial Wildlife Sanctuary) भी कहा जाता है। यह उत्तर भारत में ‘गम्भीर रूप से लुप्तप्राय’ घड़ी याल रेड क्राउन्ड रूफ कछुए और लुप्तप्राय गंगा डाल्फिन (राष्ट्रीय जलीय पशु) के संरक्षण के लिए है। यह 5400 वर्ग किमी. में फैला है। यह राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश द्वारा संरक्षित क्षेत्र है। इस अभ्यारण्य की स्थापना वर्ष 1978 में चंबल नदी की 425 किमी. की लम्बाई के साथ की गई थी। इस अभ्यारण्य परियोजना का प्रबंधन उत्तर प्रदेश वन विभाग के वन्यजीव विंग द्वारा किया जाता है और इसका मुख्यालय आगरा में है। चिन्नार वन्यजीव अभ्यारण्य- यह केरल में इंडियन स्टार कछुओं का मुख्य आवास स्थल है। यह केरल के संरक्षित भागों में स्थित 12 वन्यजीव अभ्यारण्यों में से एक है।
राष्ट्रीय चम्बल अभ्यारण्य को राष्ट्रीय चंबल घड़ी याल वन्यजीव अभ्यारण्य (National Chambal Gharial Wildlife Sanctuary) भी कहा जाता है। यह उत्तर भारत में ‘गम्भीर रूप से लुप्तप्राय’ घड़ी याल रेड क्राउन्ड रूफ कछुए और लुप्तप्राय गंगा डाल्फिन (राष्ट्रीय जलीय पशु) के संरक्षण के लिए है। यह 5400 वर्ग किमी. में फैला है। यह राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश द्वारा संरक्षित क्षेत्र है। इस अभ्यारण्य की स्थापना वर्ष 1978 में चंबल नदी की 425 किमी. की लम्बाई के साथ की गई थी। इस अभ्यारण्य परियोजना का प्रबंधन उत्तर प्रदेश वन विभाग के वन्यजीव विंग द्वारा किया जाता है और इसका मुख्यालय आगरा में है। चिन्नार वन्यजीव अभ्यारण्य- यह केरल में इंडियन स्टार कछुओं का मुख्य आवास स्थल है। यह केरल के संरक्षित भागों में स्थित 12 वन्यजीव अभ्यारण्यों में से एक है।