Q.निम्नलिखित में से कौन से पौधें के हार्मोन गलत युग्म में हैं?
Correct answer: जिबरैलिन्स बड और सीड डॉरमेंसी
Explanation
ऑक्सिन-एपिकल डॉमिनेंस: ऑक्सिन कोशिका दीर्घन द्वारा स्तम्भ या तने की वृद्धि में सहायक होते हैं। तने में जिस ओर इसकी अधिकता होती है, उस ओर वृद्धि अधिक होती है। जड़ में इसकी अधिकता वृद्धि को कम करती है। साइटोकिनिन्स-सिनेसीन्स: साइटोकाइनिन (ण्ब्ूदव्ग्हग्ह) का संश्लेषण जड़ों के अग्र सिरों पर होता है, जहां कोशिका विभाजन होता है। ये बीजों के अंकुरण को प्रोरf त करते हैं। एब्सीसिक एसिड-ट्रांसपिरेशन: यह एक वृद्धिरोधी हार्मोन है, यह पौधे की वृद्धि को रोकता है। बीजों तथा कलिकाओं को सुषुप्ता अवस्था में लाता है। यह वाष्पोत्सर्जन क्रिया का नियंत्रण रंध्रों को बन्द करके रोकता है। जिबरैलिन्स (उग्ंीत्ग्हे): यह सीड डॉरमेन्सी (बीज सुषुप्तावस्था) के लिए उत्तरदायी नहीं है, बल्कि यह बीजों की सुषुप्तावस्था को भंग करके उन्हें अंकुरित होने के लिए प्रेरित करता हैं।
ऑक्सिन-एपिकल डॉमिनेंस: ऑक्सिन कोशिका दीर्घन द्वारा स्तम्भ या तने की वृद्धि में सहायक होते हैं। तने में जिस ओर इसकी अधिकता होती है, उस ओर वृद्धि अधिक होती है। जड़ में इसकी अधिकता वृद्धि को कम करती है। साइटोकिनिन्स-सिनेसीन्स: साइटोकाइनिन (ण्ब्ूदव्ग्हग्ह) का संश्लेषण जड़ों के अग्र सिरों पर होता है, जहां कोशिका विभाजन होता है। ये बीजों के अंकुरण को प्रोरf त करते हैं। एब्सीसिक एसिड-ट्रांसपिरेशन: यह एक वृद्धिरोधी हार्मोन है, यह पौधे की वृद्धि को रोकता है। बीजों तथा कलिकाओं को सुषुप्ता अवस्था में लाता है। यह वाष्पोत्सर्जन क्रिया का नियंत्रण रंध्रों को बन्द करके रोकता है। जिबरैलिन्स (उग्ंीत्ग्हे): यह सीड डॉरमेन्सी (बीज सुषुप्तावस्था) के लिए उत्तरदायी नहीं है, बल्कि यह बीजों की सुषुप्तावस्था को भंग करके उन्हें अंकुरित होने के लिए प्रेरित करता हैं।