Q................ रक्त समूह वाले व्यक्तियों को ‘सर्वदाता’ कहा जाता है।
Correct answer: ध्
Explanation
रक्त समूह की खोज ‘कार्ल लैंडस्टीनर’ ने किया था। रक्त में एंटीजन नामक प्रोटीन पायी जाती है, यह चार प्रकार (A, B, AB leLee O) की होती है, रक्त समूह ध् में कोई एंटीजन नहीं पाया जाता है, इसलिए यह सभी रक्त समूह वाले व्यक्तियों को रक्त दे सकता है। अत: इसे सर्वदाता कहते हैं। रुधिर वर्ग किस वर्ग को रुधिर किस वर्ग से रुधिर ग्रहण दिया जा सकता है किया जा सकता है A A तथा AB ध् तथा A ँ ँ तथा AB ध् व ँ AB (सर्वग्राही) AB ध्, A, ँ तथा AB ध् (सर्वदाता) A, ँ, AB तथा ध् ध्
रक्त समूह की खोज ‘कार्ल लैंडस्टीनर’ ने किया था। रक्त में एंटीजन नामक प्रोटीन पायी जाती है, यह चार प्रकार (A, B, AB leLee O) की होती है, रक्त समूह ध् में कोई एंटीजन नहीं पाया जाता है, इसलिए यह सभी रक्त समूह वाले व्यक्तियों को रक्त दे सकता है। अत: इसे सर्वदाता कहते हैं। रुधिर वर्ग किस वर्ग को रुधिर किस वर्ग से रुधिर ग्रहण दिया जा सकता है किया जा सकता है A A तथा AB ध् तथा A ँ ँ तथा AB ध् व ँ AB (सर्वग्राही) AB ध्, A, ँ तथा AB ध् (सर्वदाता) A, ँ, AB तथा ध् ध्