Q.लगभग दो तिहाई जाति पृथ्वी पर ____ है।
Correct answer: आर्थोपोडा
Explanation
पृथ्वी पर आर्थ्रोपोडा संघ के जीवों की संख्या सर्वाधिक (लगभग दो तिहाई) है। इस संघ के जन्तुओं का शरीर खण्डयुक्त तथा टाँगे जोड़दार होती है। शरीर प्राय: तीन भागों–सिर, धड़ तथा उदर में विभक्त होता है एवं इनका शरीर काइटिन नामक आवरण से ढका होता है। श्वसन के लिए जलीय जन्तुओं के क्लोम एवं स्थलीय जन्तुओं में ट्रेकिया या बुकलंग पाये जाते हैं। इनमें श्वसन शरीर की त्वचा द्वारा भी होता है।
पृथ्वी पर आर्थ्रोपोडा संघ के जीवों की संख्या सर्वाधिक (लगभग दो तिहाई) है। इस संघ के जन्तुओं का शरीर खण्डयुक्त तथा टाँगे जोड़दार होती है। शरीर प्राय: तीन भागों–सिर, धड़ तथा उदर में विभक्त होता है एवं इनका शरीर काइटिन नामक आवरण से ढका होता है। श्वसन के लिए जलीय जन्तुओं के क्लोम एवं स्थलीय जन्तुओं में ट्रेकिया या बुकलंग पाये जाते हैं। इनमें श्वसन शरीर की त्वचा द्वारा भी होता है।