Q.द्विपदीय नामकरण पद्धति की स्थापना----द्वारा की गई थी।
Correct answer: कार्ल लीनियस
Explanation
कार्ल लीनियस ने द्विपद नामकरण के आधुनिक अवधारणा की नींव रखी थी। वे एक स्वीडिश वनस्पतिशास्त्री, चिकित्सक और जीव विज्ञानी थे, इन्हें आधुनिक वर्गिकी (वर्गीकरण) के पिता के रूप में जाना जाता है, साथ ही यह आधुनिक पारिस्थितिकी के प्रणेताओं में से एक हैं। इनकी पुस्तक ‘सिस्टेमा नेचुरी’ का पहला संस्करण 1735 में नीदरलैंड में प्रकाशित हुआ। यह पुस्तक प्रथम संस्करण में मात्र ग्यारह पृष्ठों की थी। इसमें दशम संस्करण (1758) तक पहुँचते हुए 4400 से अधिक जंतुओं की प्रजातियों एवं 7700 से अधिक पादपों की प्रजातियों का वर्गीकरण किया गया था। अपनी मृत्यु के समय लीनियस यूरोप के सबसे प्रशंसित वैज्ञानिकों में से एक थे। 9. जन्तु जगत (i) पोरीफेरा
कार्ल लीनियस ने द्विपद नामकरण के आधुनिक अवधारणा की नींव रखी थी। वे एक स्वीडिश वनस्पतिशास्त्री, चिकित्सक और जीव विज्ञानी थे, इन्हें आधुनिक वर्गिकी (वर्गीकरण) के पिता के रूप में जाना जाता है, साथ ही यह आधुनिक पारिस्थितिकी के प्रणेताओं में से एक हैं। इनकी पुस्तक ‘सिस्टेमा नेचुरी’ का पहला संस्करण 1735 में नीदरलैंड में प्रकाशित हुआ। यह पुस्तक प्रथम संस्करण में मात्र ग्यारह पृष्ठों की थी। इसमें दशम संस्करण (1758) तक पहुँचते हुए 4400 से अधिक जंतुओं की प्रजातियों एवं 7700 से अधिक पादपों की प्रजातियों का वर्गीकरण किया गया था। अपनी मृत्यु के समय लीनियस यूरोप के सबसे प्रशंसित वैज्ञानिकों में से एक थे। 9. जन्तु जगत (i) पोरीफेरा