Q.भूमध्यवर्ती क्षेत्रों में गहन वाष्पन के कारण होने वाली वर्षा को क्या कहते है?
Correct answer: संवहनी वर्षा
Explanation
भूमध्य रेखीय भाग में गहन वाष्पन के कारण संवहनीय वर्षा होती है। जब गरम वायु संवहन धाराओं के रूप में ऊपर उठती है और फैल जाती है, जिससे इनका तापमान गिर जाता है। फलस्वरूप संघनन की क्रिया से मेघ बन जाते हैं, जिससे घनघोर वर्षा होती है। जबकि पर्वतीय वर्षा ऊष्ण और आर्द्र पवनों के मार्ग में पर्वत, पठार और ऊँचे पहाड़ियों के आने से पर्वतीय प्रदेशों में होती है। चक्रवातीय वर्षा; चक्रवात के आन्तरिक भाग में भिन्न तापमान वाली पवनें आपस में मिलने से और वाताग्र वर्षा; भूतल से ऊपर उठे हुए कोई तल या सीमा रेखा जिसके सहारे दो विपरीत प्रकृति की वायु राशियों के मिलने से होती है।
भूमध्य रेखीय भाग में गहन वाष्पन के कारण संवहनीय वर्षा होती है। जब गरम वायु संवहन धाराओं के रूप में ऊपर उठती है और फैल जाती है, जिससे इनका तापमान गिर जाता है। फलस्वरूप संघनन की क्रिया से मेघ बन जाते हैं, जिससे घनघोर वर्षा होती है। जबकि पर्वतीय वर्षा ऊष्ण और आर्द्र पवनों के मार्ग में पर्वत, पठार और ऊँचे पहाड़ियों के आने से पर्वतीय प्रदेशों में होती है। चक्रवातीय वर्षा; चक्रवात के आन्तरिक भाग में भिन्न तापमान वाली पवनें आपस में मिलने से और वाताग्र वर्षा; भूतल से ऊपर उठे हुए कोई तल या सीमा रेखा जिसके सहारे दो विपरीत प्रकृति की वायु राशियों के मिलने से होती है।