Q.इनमें से कौन सा कथन सत्य है?
Correct answer: उत्तरी गोलार्द्ध में चक्रवाती दबाव में हवाएं वामावर्त दिशा में चलती हैं।
Explanation
चक्रवात (ण्ब्म्दत्दहा):- ये निम्न वायुदाब के केंद्र होते हैं, जिनके चारों ओर क्रमश: बढ़ ते वायुदाब की समदाब रेखाएं होती हैं। चक्रवात में पवन की दिशा परिधि से केंद्र की ओर होती है। इनकी दिशा उत्तरी गोलार्द्ध में घड़ी की सुई के दिशा की विपरीत (वामावर्त) एवं दक्षिणी गोलार्द्ध में घड़ी की सुई की दिशा के अनुरूप होती है। चक्रवात केंद्र में निम्न वायुदाब क्षेत्र का निर्माण करता है। प्रतिचक्रवात (Aहूग्म्ब्म्त्दहा):- ये उच्च वायुदाब के केंद्र होते हैं। इसमें परिधि से बाहर की ओर क्रमश: घटते वायुदाब संकेन्द्रीय समदाब रेखाएं होती हैं। परिणामस्वरूप वायु का प्रवाह केंद्र से परिधि की ओर होता है। अत: प्रति चक्रवात केंद्र में उच्च वायुदाब क्षेत्र का निर्माण करता है। प्रति चक्रवात में उत्तरी गोलार्ध में पवन दिशा का प्रारूप घड़ी की सुई की दिशा (दक्षिणावर्त) के अनुरूप एवं दक्षिणी गोलार्ध में पवन दिशा का प्रारूप घड़ी की सुई की दिशा के विपरीत (वामावर्त) होता है। अत: केवल कथन (a) सही है।
चक्रवात (ण्ब्म्दत्दहा):- ये निम्न वायुदाब के केंद्र होते हैं, जिनके चारों ओर क्रमश: बढ़ ते वायुदाब की समदाब रेखाएं होती हैं। चक्रवात में पवन की दिशा परिधि से केंद्र की ओर होती है। इनकी दिशा उत्तरी गोलार्द्ध में घड़ी की सुई के दिशा की विपरीत (वामावर्त) एवं दक्षिणी गोलार्द्ध में घड़ी की सुई की दिशा के अनुरूप होती है। चक्रवात केंद्र में निम्न वायुदाब क्षेत्र का निर्माण करता है। प्रतिचक्रवात (Aहूग्म्ब्म्त्दहा):- ये उच्च वायुदाब के केंद्र होते हैं। इसमें परिधि से बाहर की ओर क्रमश: घटते वायुदाब संकेन्द्रीय समदाब रेखाएं होती हैं। परिणामस्वरूप वायु का प्रवाह केंद्र से परिधि की ओर होता है। अत: प्रति चक्रवात केंद्र में उच्च वायुदाब क्षेत्र का निर्माण करता है। प्रति चक्रवात में उत्तरी गोलार्ध में पवन दिशा का प्रारूप घड़ी की सुई की दिशा (दक्षिणावर्त) के अनुरूप एवं दक्षिणी गोलार्ध में पवन दिशा का प्रारूप घड़ी की सुई की दिशा के विपरीत (वामावर्त) होता है। अत: केवल कथन (a) सही है।