Q.निम्नलिखित में से किस परत को ‘‘बैरीस्फीयर’’ कहा जाता है?
Correct answer: पृथ्वी की सबसे आन्तरिक परत
Explanation
भूकम्पीय तरंगों के आधार पर पृथ्वी को तीन परतों में विभाजित किया गया है- (1) स्थलमण्डल (लिथोस्फीयर)- यह पृथ्वी का सबसे ऊपरी भाग है जिसे सियाल भी कहा जाता है। इसकी गहराई 10 से 200 किमी. मानी गई है। यह भूपर्पटी और मैंटल के ऊपरी- भाग से मिलकर बना होता है। (2) पाइरोस्फीयर – इस आवरण को मिश्रित मण्डल भी कहते हैं। इस परत में बेसाल्ट की अधिकता पायी जाती है। इसकी मोटाई 100 से 2880 किमी. तक है। (3) बैरीस्फीयर – यह पृथ्वी का सबसे आन्तरिक भाग है। इसमें लोहा एवं निकेल की अधिकता पायी जाती है। यह 2880 किमी. से आगे स्थित है।
भूकम्पीय तरंगों के आधार पर पृथ्वी को तीन परतों में विभाजित किया गया है- (1) स्थलमण्डल (लिथोस्फीयर)- यह पृथ्वी का सबसे ऊपरी भाग है जिसे सियाल भी कहा जाता है। इसकी गहराई 10 से 200 किमी. मानी गई है। यह भूपर्पटी और मैंटल के ऊपरी- भाग से मिलकर बना होता है। (2) पाइरोस्फीयर – इस आवरण को मिश्रित मण्डल भी कहते हैं। इस परत में बेसाल्ट की अधिकता पायी जाती है। इसकी मोटाई 100 से 2880 किमी. तक है। (3) बैरीस्फीयर – यह पृथ्वी का सबसे आन्तरिक भाग है। इसमें लोहा एवं निकेल की अधिकता पायी जाती है। यह 2880 किमी. से आगे स्थित है।