Q.निम्नलिखित उद्घोषणा पर विचार कीजिये और उद्घोषणा करने वाले व्यक्ति को नीचे दिये गये कूट का प्रयोग कर पहचानिये: ‘समय आ गया है कि जब सम्मान-चिह्न हमारी शर्म को, अपमान के अपने असंगत संदर्भ में चमका रहे हैं, और मैं, अपनी ओर से सभी विशिष्ट उपाधियों से वंचित होकर अपने उन देशवासियों के साथ खड़ा होना चाहता हूँ जो अपनी तथाकथित नगण्यता के लिये वह अधोगति झेलने के उत्तरदायी हैं जो मनुष्यों के उपयुक्त नहीं। कूट:
Correct answer: रविन्द्रनाथ टैगोर