Q.कथन भारत में राष्ट्रीयता, जिसे पश्चिमी देशों से शिक्षा प्राप्त भारत के राजनीतिक नेतृत्व द्वारा विशेषाधिकृत प्रतिष्ठा दी गई थी, पश्चिमी जगत से ‘भिन्न’ किन्तु ‘व्युत्पादित प्रोक्ति’ (डेरिवेटिव डिस्कोर्स) थी। कथन पश्चिमी साम्राज्यवाद की प्रतिक्रिया के रूप में भारतीय राष्ट्रीयता ‘ऐसी सभी प्रतिक्रियाओं के समान, जो उससे रूप ग्रहण करती हैं जिसकी प्रतिक्रिया में यह होती है’ थी।
Correct answer: दोनों कथन अलग-अलग सही हैं और कथन II, कथन I का सही स्पष्टीकरण है