Q.उसका `प्रधान संबल (Principle Forte) था सामाजिक और र्धा◌िमक सुधार, उसने सामाजिक बुराइयों के निराकरण के लिए विधान निर्माण का सहारा लिया और बाल विवाह, पर्दा प्रथा....के उन्मूलन के लिए अविराम पररश्रम किया, सामाजिक समस्याओं पर राष्ट्रीय रि पर विचार-विमर्श को प्रोत्साहित करने हेतु उसने भारतीय राष्ट्रीय सामाजिक सेिलन का उद्घाटन किया जिसके अधिवेशन बहुत वषों तक भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के साथ-साथ होते रहे, इस उद्धरण में संकेतित व्यखि है
Correct answer: महादेव गोविन्द रानाडे