Q63.‘मसृण, गांधार देश के नील रोम वाले मेषों के चर्म, ढँक रहे थे उसका वपु क्रांत, बन रहा था वह कोमल वर्म।’ कामायनी की उपर्युक्त पंक्तियों में ‘वर्म’ का अर्थ है –
Correct answer: कवच
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