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Question Paper for Lecturer and Coach (School Edu. Dept.) - Comp. Exam-2025 (Hindi)

Question Paper for Lecturer and Coach (School Edu. Dept.) - Comp. Exam-2025 (Hindi)

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Hindi question paper

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Q121.निम्न में से किस पंक्ति में दुष्क्रमत्व दोष है?

Q122.शुद्ध शब्द नहीं है —

Q123.अभिधामूला ध्वनि के संदर्भ में असंगत है —

Q124.किस विकल्प के सभी शब्द शुद्ध हैं? ४ ।

Q125.रसनिष्पत्ति के लिए भावकत्व तथा भोजकत्व व्यापार की स्थापना किस आचार्य द्वारा की गई?

Q126.“बहुत दिनन थें मैं प्रीतम पाये, भाग बड़े घरि बैठे आये।। मंगलाचार माँहि मन राखौं, राम रसाँडण रसना चार्षों। मंदिर माँहि भयो उजियारा, ले सुतो अपना पीव पियारा।। ः मैं रनि राती जे निधि पाई, हमहिं कहाँ यह तुमहि बड़ाई। कहै कबीर मैं कछु न कीन्हा, सखी सुहाग राम मोहि दीन्हा ।।” प्रस्तुत पद की व्याख्या के संदर्भ में असंगत है

Q127.बालकाण्ड के आधार पर रामचरित्र के श्रोताओं का सही क्रम है कर

Q128.“मीत सुजान अनीत करौ जिन, हाहा न हूजियै मोहि अमोही । डीठि. कौ और कहूँ नहिं ठौर फिरी दृग रावरे रूप की दोही। एकबिसास की टेक गहे लगि आस रहे बसि प्रान-बटोही। हां घनआनँद जीवनमूल दई कित प्यासनि मारत मोही ।”

Q129.खड़ी बोली गद्य के प्रारंभिक चार उन्नायकों में शामिल नहीं हैं —

Q130.शुद्ध वाक्य है —

Q131.“आज लगता है, साथ रहना भी कितनी तरह का हो सकता है। सारी जिन्दगी साथ रहकर भी आदमी कितना अकेला रह सकता है और किसी का हल्का-सा स्पर्श भी कैसे जिन्दगी को किसी के साथ होने के एहसास और : आश्वासन से भर सकता है।” उपन्यास आपका बंटी' में ये विचार किसके हैं?

Q132.32, साधारण वाक्य का उदाहरण नहीं है

Q133.“देव” संज्ञा से बना विशेषण है - ह 38

Q134.काव्य-लक्षण एवं लक्षणकार की दृष्टि से निम्नलिखित में से कौनसा विकल्प सुमेलित है?

Q135.निम्नलिखित में से कौनसे संमूह के सभी शब्द पुल्लिंग हैं? रे ।

Q136.“यदि मन लगाकर काम करोगे, तो सफलता प्राप्त करोगे।” उक्त वाक्य का प्रकार बताइए —

Q137.किस विकल्प में गलत संधि-विच्छेद है?

Q138.वक्रोक्ति सिद्धान्त के विषय में असंगत है —

Q139.एक विशेष काव्यान्दोलन, जिसका जन्म हिन्दी के काव्य-क्षेत्र में ‘तार सप्तक’ के प्रकाशन के साथ माना जाता है, वह है —

Q140.“विजय-तृष्णा का अन्त पराभव में होता है, अलक्षेन्द्र! राज्यसत्ता सुव्यवस्था से बढ़े, तो बढ़ सकती है, केवल विजयों से नहीं”। चन्द्रगुप्त नाटक में उक्त कथन किसने किससे कहा है?