Q53.“दीर्घकाल से हिन्दी के इतिहास-लेखक अपम्रृंश भाषा के साहित्य को भी हिन्दी साहित्य के पूर्वरूप के रूप में ग्रहण करते आए-हैं।' इतिहास लेखन संबंधी उपर्युक्त मान्यता किस विद्वान की है? ट
Correct answer: आ. हजारी प्रसाद द्विवेदी
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