Concept note आकार के अनुसार हमारे सौरमण्डल में ग्रहों का अवरोही क्रम–बृहस्पति-शनि-अरुण-वरुण-पृथ्वी-शुक्र-मंगल-बुध हैं। गौरतलब है कि सौरमण्डल के चार छोटे आन्तरिक ग्रह बुध, शुक्र, पृथ्वी एवं मंगल ग्रह जिन्हें स्थलीय ग्रह कहा जाता है मुख्यतया पत्थर एवं धातु से बने हैं।
Concept note शुक्र (न्नहल्े): यह सूर्य का निकटवर्ती दूसरा ग्रह है। यह सूर्य की परिक्रमा 225 दिनों में पूरा करता है। यह ग्रहों की सामान्य दिशा के विपरीत सूर्य की पूर्व से पश्चिम दिशा में परिक्रमा करता है। बुध के समान इसका भी कोई उपग्रह नहीं है। यह ग्रह पृथ्वी के सर्वाधिक नजदीक है जो सूर्य एवं चन्द्रमा के बाद सबसे चमकीला दिखायी देता है। इसे ‘सांझ का तारा’ एवं ‘भोर का तारा’ भी कहा जाता है क्योंकि यह शाम को पश्चिम में तथा सुबह पूरब में दिखाई देता है। आकार एवं द्रव्यमान में पृथ्वी से थोड़ा ही कम होने के कारण इसे पृथ्वी की जुड़वा बहन भी कहा जाता है।
Concept note शुक्र सौर मण्डल में सूर्य के निकटवर्ती दूसरा ग्रह है। यह पृथ्वी के सबसे नजदीक है इसलिए सूर्य व चन्द्रमा के बाद सबसे चमकीला दिखायी पड़ ता है। यह ग्रह सल्फ्यूरिक अम्ल युक्त उच्च परावर्तक बादलों की एक अपारदर्शी परत से ढँका हुआ है। इस अम्ल के कारण यहाँ पाये जाने वाले घने बादलों का रंग सफेद और पीला होता है।
Correct answer: दो-तिहाई सतह पानी से ढ़की होने के कारण
Concept note पृथ्वी आकार में पाँचवा सबसे बड़ा ग्रह है यह अपने 1 अक्ष पर 23 0 झुकी हुई है। पृथ्वी सौरमंडल का एक मात्र ग्रह है 2 जिस पर जीवन है तथा इसका एकमात्र उपग्रह चन्द्रमा है। दो-तिहाई सतह पानी से ढके होने के कारण बाहर से नीली प्रतीत होती है इसलिए पृथ्वी को नीला ग्रह कहा जाता है।
Concept note ब्रह्माण्ड में किन्हीं दो पिंडों के मध्य कार्य करने वाला आकर्षण बल उनके द्रव्यमानों के गुणनफल के समानुपाती तथा उनके मध्य की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है। पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल के कारण ही पृथ्वी की सतह से मुक्त रूप से फेंकी गयी वस्तु वापस पृथ्वी पर आकर गिरती है। पृथ्वी का वातावरण भी गुरुत्वाकर्षण बल के कारण विद्यमान है।
Concept note अपसौर- प्रत्येक वर्ष 4 जुलाई को अपसौर (Aज्पत्ग्दह) की स्थिति होती है इसमें पृथ्वी सूर्य से अधिकतम दूरी 15.2 करोड़ किमी. पर होती है। उपसौर (झ्ीग्पत्ग्दह)– इस स्थिति में पृथ्वी सूर्य के निकटतम दूरी पर होती है तो यह स्थिति उपसौर कहलाती है यह स्थिति प्रत्येक वर्ष 3 जनवरी को बनती है। इस समय पृथ्वी सूर्य से निकटतम दूरी पर अर्थात् 14.73 करोड़ किमी. पर होती है।
Concept note सूर्य से पृथ्वी की माध्य दूरी 14.96 करोड़ किमी. होती है। जबकि सूर्य से पृथ्वी की न्यूनतम दूरी उपसौर 14.70 करोड़ किमी. एवं सूर्य से अधिकतम दूरी अपसौर 15.21 करोड़ किमी. होती है। पृथ्वी से चंद्रमा की दूरी 384365 किमी. होती है।
Concept note गुरुत्वाकर्षण शक्ति के कारण पदार्थ एक दूसरे की ओर आकृष्ट होने की क्षमता रखते हैं। न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण बल की खोज की थी। पृथ्वी का अपना वायुमंडल गुरुत्वाकर्षण शक्ति के कारण है।
Concept note चन्द्रमा पृथ्वी का एक मात्र उपग्रह है, और यह सौर मंडल का पाँचवा सबसे विशाल प्राकृतिक उपग्रह है, पृथ्वी के केन्द्र से चन्द्रमा के केन्द्र तक की दूरी 389,403 किलोमीटर है। इस दूरी को चन्द्रमा की कक्षीय त्रिज्या कहते हैं, यह दूरी पृथ्वी की परिधि का 80 गुना है। चन्द्रमा पृथ्वी की परिक्रमा 27.3 दिन में पूरा करता है और अपने अक्ष के चारों ओर एक पूरा चक्कर भी 27.3 दिन में लगाता है।
Concept note पृथ्वी सूर्य से तीसरा ग्रह और ज्ञात ब्रह्माण्ड में एक मात्र ग्रह है जहाँ जीवन उपस्थित है। यह सौर मंडल में सबसे घना और चार स्थलीय ग्रहों में सबसे बड़ा ग्रह है। यह सौर मंडल का पांचवा बड़ा ग्रह है। रेडियो धर्मी डेटिंग और साक्ष्य के अन्य स्रोतों के अनुसार, पृथ्वी की लगभग आयु 4.6 बिलियन साल हैं। पृथ्वी को नीला ग्रह कहा जाता है। जबकि लाल ग्रह मंगल ग्रह को कहा जाता है।
Concept note उल्का पिंडों एवं चन्द्रमा की चट्टानों के नमूनों के अध्ययन से स्पष्ट होता है कि पृथ्वी की आयु 4.6 बिलियन वर्ष है जबकि प्राचीन पत्थरों के नमूनों के रेडियोधर्मी तत्वों के परीक्षण के आधार पर पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति 3.5 बिलियन वर्ष पूर्व हुआ था।
Concept note पृथ्वी का औसत तापमान 16 डिग्री सेल्सियस (61डिग्री फॉरेनहाइट) है। लेकिन वर्ष भर समुद्र, पवन धाराओं और मौसम की स्थिति के आधार पर दुनिया भर में तापमान काफी भिन्न होता है। ग्रीष्मकाल और सर्दियों में तापान्तर बहुत अधिक होता है। इसके अलावा, तापमान भूमध्य रेखा के समीप उच्च और ध्रुवों के पास कम होते हैं।
Concept note पृथ्वी अपनी धुरी पर सदैव पश्चिम से पूर्व की ओर घूमती रहती है। पृथ्वी की इसी गति को घूर्णन अथवा आवर्तन गति कहा जाता है। पृथ्वी अपनी गति पर जब एक चक्कर लगा लेती है तो एक दिन होता है। इसी से इस गति को दैनिक गति भी कहते हैं। पृथ्वी जिस धुरी पर घुमती है वह काल्पनिक रेखा है, जो पृथ्वी के केन्द्र से होकर उत्तरी और दक्षिणी ध्र्रुव को मिलाती है। पृथ्वी का यह अक्ष अपने कक्ष तल के साथ 66.50 अंश का कोण बनाता है। पृथ्वी का यह अक्ष सदैव एक ओर ही झुका रहता है।
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Topics to cover next.
01
General practice
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